देहरादून: उत्तराखण्ड विधान सभा अध्यक्ष श्री प्रेम चन्द अग्रवाल जी ने विधान सभा परिसर, देहरादून में ढ़ाका में आयोजित 63वें कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री ऐसोसियेशन(सी0पी0ए0) सम्मेलन एवं संसदीय अध्ययन भ्रमण के दौरान सिंगापुर, हांगकांग एवं टोकियो तीन देशों की यात्रा से लौटने पर सम्मेलन एवं संसदीय अध्ययन सम्बंन्धित विषयों पर प्रेस वार्ता की।
विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि ढ़ाका में आयोजित 04 से 08 नवम्बर, 2017 को 63वें सी0पी0ए0 सम्मेलन में 52 सदस्य देषों के लगभग 600 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन की विषय-वस्तु को केन्द्र में रखकर विधायिका के सदस्यों के कार्य स्तर में वृद्धि करने हेतू सतत् प्रयास पर हुई 08 कार्यशालाओं में विचार विमर्श किया गया। श्री अग्रवाल ने कहा कि उन्हें इण्डिया शाखा से युवाओं की आवाज को बल देते हुए शासकीय प्रक्रियाओं में युवाओं की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए तंत्र विकसित करने एवं जलवायु परिवर्तन संबंधी परिचर्चा पर राष्ट्रमंडल के लिए चुनौती विषयों पर अपने विचार व्यक्त करने के लिए अधिकृत किया गया था।
विधान सभा अध्यक्ष ने शासकीय प्रक्रियाओं में युवाओं की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने संबंधी विषय पर कहा कि भारत में युवाओं की बड़ी आबादी एक महत्वपूर्ण शक्ति है जिसे शासन प्रक्रिओं में सम्मिलित करना आवश्यक है। जलवायु परिवर्तन संबंधी विषय पर बोलते हुए मा0 अध्यक्ष ने कहा कि भारत जलवायु परिवर्तन के प्रति सचेत है तथा जलवायु परिवर्तन सम्बन्धी वैश्विक प्रयासों के प्रति कटिबद्ध है। उन्होने बताया कि भारत विश्व के सबसे बड़े नवीकरणीय उर्जा विस्तार कार्यक्रम को लागू कर रहा है जिसमें 2022 तक 175 गीगाबाट क्षमता हासिल करने का लक्ष्य है। हमारे हवाई अड्डे सौर उर्जा का प्रयोग कर रहे हैं और हम भारत के विशाल रेल एवं राजर्माग तन्त्र को वैकल्पिक उर्जा से आच्छादित करने की ओर अग्रसर है।
विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि सम्मेलन के माध्यम से कॉमनवेल्थ समुदाय में लोकतांत्रिक संसदीय व्यवस्था में समसामायिक विषयों पर गम्भीर चर्चा हेतु प्रभावी मंच प्राप्त हुआ। उत्तराखण्ड विधानसभा अध्यक्ष जी ने तीन देशों यथा हांगकांग, सिंगापुर और जापान कीअध्ययन यात्रा पर लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुडे़ कई महत्वपूर्ण पक्षों का अध्ययन किया जिसमें स्वच्छता अभियान, देश प्रेम एवं कल्याण के लिए सदैव प्रयास, कार्य संस्कृति जैसें मुद्दे प्रमुख थे। उन्होंने भारतीय एवं उत्तराखण्ड प्रवासियों से प्रदेश के विकास के लिए साल में एक बार में उत्तराखण्ड आने का न्यौता दिया।