ऋषिकेश: भारतीय मानव अधिकार मोर्चा के तत्वाधान में होटल पैराडाइज, भूपतवाला, हरिद्वार में आयोजित मानव अधिकार संगोष्ठी कार्यक्रम का उत्तराखण्ड विधान सभा अध्यक्ष श्री प्रेम चन्द अग्रवाल जी ने मुख्य अतिथि के रूप में शुभारम्भ किया।
विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि मानव अधिकार दिवस हर साल 10 दिसंबर को दुनिया भर में मनाया जाता है। वर्ष 1948 में पहली बार संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 10 दिसंबर को हर साल इसे मनाये जाने की घोषणा की गयी थी। उन्होंने कहा कि वास्तव में प्रत्येक व्यक्ति को ऐसे जीवनस्तर को प्राप्त करने का अधिकार है, जो उसे और उसके परिवार के स्वास्थ्य, कल्याण और विकास के लिए आवश्यक है। मानव अधिकारों में आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक अधिकारों के समक्ष समानता का अधिकार एवं शिक्षा का अधिकार आदि नागरिक और राजनीतिक अधिकार भी सम्मिलित हैं।
विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि मानव अधिकार मानव के विशेष अस्तित्व के कारण उनसे संबंधित है इसलिए ये जन्म से ही प्राप्त हैं और इसकी प्राप्ति में जाति, लिंग, धर्म, भाषा, रंग तथा राष्ट्रीयता बाधक नहीं होती। मानव अधिकार को मूलाधिकार आधारभूत अधिकार अंतरनिहित अधिकार तथा नैसर्गिक अधिकार भी कहा जाता है। उन्होंने कहा कि मानवाधिकार को कानून के माध्यम से स्थापित किया जा सकता है। इसका विस्तृत फलक होता है जिसमें नागरिक, राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकार भी आते हैं।
इस अवसर पर श्री मनोज गर्ग मेयर हरिद्वार, श्री मनीष खैरवाल प्रदेश सचिव, श्री अमित गुप्ता प्रेस क्लब महामंत्री, श्री मनोज सैनी अध्यक्ष प्रेस क्लब, शंभू नाथ शर्मा जी, राकेश गुप्ता जी, स्वामी प्रेमानंद जी महाराज, सुरेश गुलाटी जी, मुकेश गुप्ता, प्रवीण अग्रवाल, शर्मिला गुप्ता, ओमप्रकाश रस्तोगी, दीपक नौटियाल, महेश गॉड, संचालक रजनीकांत जी एवम अन्य लोग मौजूद थे।