देहरादून: आगामी मानूसन को देखते हुए तथा उसके लिए की जाने वाली व्यवस्थाओं एवं तैयारियों के लिए जिलाधिकारी एस.ए मुरूगेसन द्वारा विकासभवन सभागार में सभी उप जिलाधिकारियों एवं जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गयी।
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि आगामी मानसून को देखते हुए एवं किसी प्रकार की आपदा होने पर उस समय किस तरह से त्वरित गति से कार्य किया जाये इसके लिए उन्होने सभी अधिकारियेां को सख्त निर्देश दिये हैं कि सभी अधिकारी अपने-2 क्षेत्रों में अलर्ट रहें तथा किसी प्रकार की कोई आपदा की सूचना मिलने पर वहां पर तत्काल राहत कार्य मुहैया कराया जाये। उन्होने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि यह व्यक्ति विशेष का कार्य नही है कुछ कार्य ऐसे होते हैं जिन्हे टीम भावना से करने की आवश्यकता होती है, इसमें आपदा के समय सभी को आपस में समन्वय करते हुए टीम भावना से कार्य करने की आवश्यकता है उन्होने निर्देश दिये हैं कि सभी अधिकारी अपने-2 क्षेत्रों में आपदा के लिए की जाने वाली तैयारियों को पूर्व से ही कर लें तथा कोई भी अधिकारी एवं कर्मचारी पूर्व सूचना एवं अनुमति के अपने मुख्यालय नही छोड़ेगें, बिना अनुमति व पूर्व सूचना के कोई भी अधिकारी अपने क्षेत्र से अनुपस्थित पाया जाता है तो उसके विरूद्ध आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि मानसून को देखते हुए सभी विभाग अपने-2 संााधन/उपकरणों का दूरूस्त कर लें यदि उपकरण की उपलब्धता नही है तो उनको अभी से ही क्रय करना सुनश्चित करें।
जिलाधिकारी ने लो.नि.वि एवं एन.एच के अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि भूस्खलन से सम्बन्धित मोटर मार्ग के सवेंदनशील स्थलों का चिन्हीकरण तथा उन स्थानों पर जेसीबी मशीन आपरेटर को तैनात करने के भी निर्देश दिये। उन्होेने कहा कि जिन स्थानों पर अधिक भूस्खलन होता है एवं सवेंदनशील स्थल हैं उनका अभी से ही स्थलीय निरीक्षण करते हुए ऐसे स्थलों को ठीक किया जाये तथा इन स्थानों पर जेसीबी मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाये। उन्होने यह भी निर्देश दिये कि जो सड़क किनारे खतरनाक एवं जर्जर पेड़ हैं उनका चिन्हीकरण करते हुए उनका निस्तारण करना सुनश्चित करें। उन्होने सम्बन्धित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिये कि नदी के तटो पर निवास कर रहे परिवारों का चिन्हिकरण करते हुए एवं बाढ की सम्भावनाओं को मद्देनजर रखते हुए ऐसे परिवारों को अनयंत्र स्थानो पर पंहुचाने तथा उनके लिए राहत शिविर जैसे आसपास के सरकारी विद्यालयों एवं पंचायत घर वैडिंग प्वाईंट को चिन्हित किया जाये ताकि आकस्मिक स्थिति होने पर सम्बन्धितों को वहां पर रखा जा सके। उन्होने यह भी निर्देश दिये कि बरसाती नालों गाढ गदेरे तथा नदी किनारे निर्मित भवनों का भी चिन्हिकरण करते हुए उन पर क्रास का चिन्ह लगाते हुए भारी वर्षा की चेतावनी पर सम्बन्धित भवनों में निवास करने वाले व्यक्तियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने हेतु उचित व्यवस्था करने के भी निर्देश दिये। उन्होने सभी उप जिलाधिकारियेां को निर्देश दिये हैं कि वे अपने-2 क्षेत्रों में आपदा परिचालन केन्द्र की स्थापना करना सुनिश्चित करें तथा क्षेत्र में किसी प्रकार की कोई घटना घटित होने पर इसकी सूचना तत्काल जिला मुख्यालय मंे ंस्थापित आपदा कन्ट्रोल रूम को देना सुनिश्चित करें ।
जिलाधिकारी ने नगर निगम एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों केा निर्देश दिये हैं कि भारी वर्षा के कारण जिन क्षेात्रों में जलभराव की स्थति उत्पन्न होती है इसके लिए उन्होने नगरीय क्षेत्र में नगर निगम एवं ग्रामीण क्षेत्रो में सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि ऐसे स्थानों को चिन्हित करते हुए तत्काल उचित व्यवस्था कराने के निर्देश दिये। उन्होने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को यह भी निर्देश दिये कि अत्यधिक वर्षा होने पर तथा नदियों का जलस्तर बढने पर जलस्तर नापने की व्यवस्था की जाये तथा खतरे से उपर जल स्तर बढने पर इसकी सूचना तत्काल सम्बन्धित क्षेत्रों के निवासियों को सूचित करें , ताकि सम्बन्धित क्षेत्र के निवासी सतर्क रह सकें तथा उप जिलाधिकारियों को भी निर्देश दिये हैं कि वे भी अपने-2 क्षेत्रों में पटवारी एवं लेखपालों के माध्यम से बाढ प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को सूचित करें।
जिलाधिकारी ने मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम नवनीत चीमा को निर्देश दिये हैं कि वह शहर की नालियों की सफाई व्यवस्था सुनश्चित करने के निर्देश दिये ताकि वर्षा के कारण नाली चैक होने की स्थिति से जल भराव की स्थिति उत्पन्न होने पाये तथा वर्षाकाल के समय क्षेत्र मंे फागिंग मशीन के द्वारा दवा चिड़काव हेतु उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी द्वार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि बरसात/आपदा के समय फलैने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए सम्बन्धित क्षेत्रों में चिकित्सकों की टीमों एवं दवाईयों की उपलब्धता सुनिश्चत कराने के निर्देश दिये। उन्होने विद्युत विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश दिये कि आपदा के समय विद्युत आपूर्ति बाधित होने पर इसे तत्काल दूरूस्त किया जाये तथा इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिये। उन्होने जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिये कि जनपदों में खाद्य आपूर्ति तथा जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों में राशन की उपलब्धता सुनिश्चित कराने तथा कैरोशीन, पैट्रोल, डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने दूरसंचार विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि अपात स्थिति में संचार व्यवस्था तत्काल दूरूस्त करने के भी निर्देश दिये। उन्होने लो.नि.वि, वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि आपदा की स्थिति में वैकल्पिक मार्ग/ वन मार्गों की उपलब्ध को चिन्हिकरण के भी निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को निर्देश दिये हैं कि मौसम विभाग का पूर्वानुमान एवं चेतावनी को जनपद के सम्बन्धित क्षेत्रों के महत्वपूर्ण नम्बर उपलब्ध कराते हुए उन भी एस.एम.एस के माध्यम से सूचना उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिये ताकि क्षेत्र के आम जनमानस को मौसम विभाग के पुर्वानुमान की सूचना उपलब्ध हो सके।
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को यह भी निर्देश दिये हैं कि आपदा के समय जो भी कार्य कराये जा रहे हैं उन कार्यों का फोटोग्राफ एवं कार्य की जानकारी से उन्हे अवगत कराते हुए तथा सम्बन्धित कार्यों का सम्बन्धित उप जिलाधिकारियों से इसका सत्यापन अवश्य करा लें ताकि सम्बन्धि कार्य का भुगतान करते समय कोई दिक्कत एवं समस्या न होने पाये।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी बंशीधर तिवारी, मुख्य नगर आयुक्त नवनीत चीमा, प्रशिक्षु आई.ए.एस आराधना पाल, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वीर सिंह बुदियाल, उप जिलाधिकारी मसूरी हरिगिरि, उप जिलाधिकारी विकासनगर जितेन्द्र कुमार, भूमि अध्यापित अधिकारी कुसुम चैहान, परियोजना निदेशक डी.आर.डीए राजेन्द्र रावत, जिला विकास अधिकारी प्रदीप पाण्डेय, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी आर.एस नेगी, जिला पंचायतराज अधिकारी एम जफर खान, जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी दीपशिखा रावत सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।