लखनऊ: प्रदेश की महिला एवं परिवार कल्याण मंत्री प्रो0 रीता बहुगुणा जोशी ने आज उत्तर प्रदेश और बिहार के किशोरों के जीवन के विविध पहलुओं के अध्ययन पर आधारित एक अध्ययन रिपोर्ट Understanding the Lives of Adolescents and Young Adults (उदया) को जारी किया। इस अवसर पर हुसैनगंज, लखनऊ स्थित एक होटल में आयोजित समारोह को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा बाल विवाह और उससे होने वाली स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याएं जैसे शीघ्र गर्भधारण, किशोरी में कमजोरी और उनके दुर्बल और बीमार बच्चे, राज्य के लिए एक गंभीर चिंता का विषय हैं। समाज में बलिकाओं के महत्व को परिवारों को समझना आवश्यक है और इसके लिए सिविल सोसाइटी, गैर सरकारी संस्थाए और मीडिया को सरकार के साथ हाथ मिलाकर कार्य करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि पारिवारिक हिंसा का किशोर और किशोरियों के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। राज्य सरकार इसके निराकरण के लिए नीति निर्धारण में पहल कर सकती है परन्तु घरेलू हिंसा को खत्म करने के लिए सभी को-गैर सरकारी संस्थाओं और परिवारों को-इसमें भागीदारी निभानी होगी।
उदया के अध्ययन को पॉपुलेशन काउंसिल ने बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन और डेविड एंड लुसिल पैकर्ड फाउंडेशन के सहयोग से संचालित किया है। इस प्रसार कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश राज्य के प्रतिष्ठित गैर सरकारी संस्थाओं के अलावा चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, मातृ एवं शिशु कल्याण विभाग, राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन तथा राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद थे।