लखनऊ: उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड राज्य के मध्य कार्मिकों के बंटवारे के संबंध में उत्तर प्रदेश शासन ने समस्त प्रमुख सचिव/सचिव, समस्त विभागाध्यक्ष एवं कार्यालयाध्यक्षों को कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेेंशन मंत्रालय,
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग भारत सरकार, नई दिल्ली के द्वारा 27 मार्च 2015 को जारी गाइड लाइन के अनुसार अपने विभाग से संबंधित सभी अधिकारियों/कर्मचारियों जिन्हें प्रशासनिक एवं न्याययिक अड़चनों के कारण उत्तराखण्ड राज्य हेतु कार्यमुक्त नहीं किया जा सका है, उनके संबंध में भारत सरकार की गाइड लाइन के अनुसार पात्र अधिकारियों/कर्मचारियों के विषय में उनकी सहमति प्राप्त करते हुए प्रत्येक अधिकारी/कर्मचारी के प्रकरण पर सम्यक विचारण/जांच करते हुए अपने-अपने विभाग का प्रस्ताव दिनांक 30 मई 2015 तक उत्तर प्रदेश पुनर्गठन समन्वय विभाग को उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करें ताकि सभी प्रकरण समसय परामर्शीय समिति के समक्ष रखे जा सकें।