देहरादून: उत्तराखण्ड की अगली सरकार के चयन में प्रदेश के युवा निर्णायक साबित होने जा रहे हैं। अगामी 15 फरबरी को होने जा रहे मतदान में सबसे ज्यादा 20 से 29 वर्ष के 21,57,486 युवा मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इस चुनाव में 18 से 19 वर्ष के मतदाताओं की संख्या 2,54,137 होगी। कुल मिला कर युवा मतदाताओं की मिली जुली ताकत 24 लाख पार कर जायेगी।
सोमवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी राधा रतूड़ी ने विधानसभा चुनाव के लिये मतदाताओं की जो अंतिम सूची जारी की है उसके अनुसार प्रदेश में कुल 74,95,688 मतदाता हैं जिनमें 39,23,492 पुरूष व 35,72,045 महिला मतदाता हैं। इनमें थर्ड जेंडर के 151 मतदाता भी इनमें शामिल हंै। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सबसे ज्यादा 21,57,486 मतदााता 20 से 29 वर्ष के हैं। जबकि 18 से 19 वर्ष के 2,54,137 मतदाता हैं। इस तरह प्रदेश मेें युवा मतदाताओं की संख्या 24,11,623 है। 30 से 39 आयु वर्ग के 18,73,998, 40 से 49 आयु के 13,43,779 मतदाता शामिल हैं। उत्तराखण्ड में बुजुर्ग श्रेणी के कुल मतदाताओं की संख्या 9,71,539 है। जिनमें 50 से 59 आयु वर्ग के 8,94,749, 60 से 69 वर्ष वाले मतदाता 2,87,063 व 80 व उससे ज्यादा की उम्र वाले 95,004 मतदाता शामिल हैं। उत्तराखण्ड में होने वाले विधानसभा चुनाव के नजरिये से युवा मतदाता बेहद अहम हो गये हैं। युवा मतदाताओं की संख्या 24 लाख से ज्यादा होने के कारण इन पर राज्य के दोनों प्रमुख सियासी दलों की नजर रहेगी। जिस दल की ओर उत्तराखण्ड युवा शक्ति का रुझान हो जायेगा। उसे ही सरकार बनाने में आसानी होगी। ऐसे मेें यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि विधानसभा चुनाव में युवा मतदाता निर्णायक साबित होंगे।