लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास कार्यों को गति प्रदान करने के लिए गन्ना किसानों, समितियों एवं चीनी मिलों को परफार्मेन्श के आधार पर पुरस्कृत करने का फैसला किया है। इससे चीनी मिलों, समितियों एवं किसानों में प्रतिस्पर्धा की भावना पैदा होगी और गन्ना किसानों की आय दोगुना करने का लक्ष्य यथाशीघ्र प्राप्त करना सम्भव होगा।
यह जानकारी आयुक्त एवं प्रमुख सचिव, चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास श्री संजय भूसरेड्डी ने दी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में संचालित 119 चीनी मिलों को प्रतिवर्ष पेराई सत्र की समाप्ति पर गन्ना मूल्य का समय से भुगतान, औसत चीनी परता, ड्राल प्रतिशत, गन्ने की शुद्ध तौल तथा चीनी मिल परिक्षेत्र में प्रजातीय संतुलन के लिए अंक प्रदान किये जायेंगे। सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाली उत्कृष्ट तीन चीनी मिलों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार स्वरूप स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र प्रदान किये जायेंगे।
श्री भूसरेड्डी ने बताया कि इसी प्रकार प्रदेश में कार्यरत 169 सहकारी गन्ना विकास समितियों द्वारा किये गये कार्यांे लक्ष्य के सापेक्ष उर्वरक वितरण, अभिलेखों का रख-रखाव, स्वच्छता, गन्ना किसानों को ऋण वितरण एवं वसूली, गन्ना समिति की प्रबंध कमेटी की नियमित बैठकों, समितियों की सम्पत्तियों के रख-रखाव तथा फार्म मशीनरी की स्थापना आदि के लिए अंक दिये जायेंगे। सबसे अधिक अंक प्राप्त करने वाली 03 समितियांे को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में क्रमशः 51 हजार, 31 हजार एवं 21 हजार रुपये की राशि, स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र देकर पुरस्कृत किया जायेंगा।
आयुक्त ने बताया कि प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ 03 गन्ना किसानों को भी पुरस्कृत किया जायेगा। गन्ना किसानों के मध्य एक प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा। विभागीय योजनाओं में किसानांे की सहभागिता, प्रति हेक्टयर उपज, चीनी मिलों को औसत गन्ना आपूर्ति, गन्ना समितियों से लिए गए ऋण की अदायगी, उपलब्ध गन्ना क्षेत्र में स्वीकृत प्रजातियों की स्थिति तथा कृषि आय दोगुना करने हेतु अपनाई गई पद्धति (पशुपालन, कुक्कुट पालन, मधुमक्खी पालन, मत्स्य पालन) के लिए अंक प्रदान किये जायेंगे और सर्वश्रेष्ट तीन गन्ना किसानों को, प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में क्रमशः 51 हजार, 31 हजार एवं 21 हजार रुपये की राशि, स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जायेगा किया जायेंगा। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में भाग लेने वाले इच्छुक किसानों को प्रत्येक वर्ष 30 अक्टूबर तक आवेदन फार्म भरना होगा, जो निःशुल्क होगा।
श्री भूसरेड्डी ने बताया कि जिला गन्ना अधिकारी अपने जिले के आवेदन फार्म को संकलित कर 15 नवम्बर तक गन्ना आयुक्त को उपलब्ध करायेंगे। उन्होंने बताया कि चीनी मिलों, गन्ना समितियों एवं गन्ना किसानों को अंक प्रदान करने हेतु जनपद, परिक्षेत्र तथा प्रदेश स्तर पर कमेटी का गठन किया गया है।