देहरादून: एक वर्षीय रेज़ीडेन्शियल एकेडमिक कार्यक्रम में नरोपा फैलोशिप की शुरूआत ग्यालवांग दु्रकपा द्वारा की गई। इसका पाठ्यक्रम विशाल हिमालय में लद्दाख के स्थायी सामाजिक एवं आर्थिक विकास को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। फैलोज़ के पहले बैच का प्रारंभ सितम्बर माह से हेमिस विलेज, लद्दाख परिसर में हुआ। इसके लिए हिमालयी देशों के 70 छात्रों को सात करोड़ रूपये की छात्रवृत्तियां दी गई। उत्तराखण्ड व देहरादून में निवास कर रहे नरोपा फैलोशिप समाज के युवाओं को भी लद्दाख में इस पाठयक्रम में एडमिशन मिला है।
डॉ प्रमथ राज सिन्हा सह-संस्थापक, नरोपा फैलोशिप ने बताया कि कैसे स्थानीय धराहर के प्रति प्यार और सम्मान एक व्यक्ति के करियर में मददगार हो सकता है। देश भर में फैलोशिपक पाठयक्रम समग्र यक्तित्व विकास, संचार प्रशिक्षण एवं सांस्कृतिक अन्वेषण पर आधारित है। इसके माध्यम से फैलोज़ एक ‘‘लाईव प्रोजेक्ट’’ तैयार करेंगे, जिससे समस्याओं को पहचान कर इन्हें हल करने का प्रया किया जाएगा। दुनिया भर से 40 अग्रणी अकादमिकज्ञ, उद्योग विशेषज्ञ छात्रों को मार्गदर्शन देंगे तथा उनके पेशेवर विकास में मदद करेंगे। जिसमें केन्विन स्मिथ, प्रोफेसर, युनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वेनिया, स्कूल ऑफ सोशल पॉलिसी एण्ड प्रेक्टिस; कैथी डिवाइट, डीन, आर्ट एवलडेहोग स्कूल, बेल्जियम, स्टुअर्ट हेंड्री, एंटरेप्रेन्यूरशिप लीड प्रोफेसर, युनिवर्सिटी ऑफ केप टाउन; सारा जे. कोर्स, एसोसिएट एडजंक्ट प्रोफेसर, थॉमस जेफरसन युनिवर्सिटी आदि शामिल हैं।