चमोली: उद्योग, होटल, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, शैक्षिणिक संस्थान, व्यापारिक दुकानों आदि के द्वारा मलमूत्र, कूडाकरकट, कचरा, दूषित जल को गंगा नदी एवं उसकी सहायक नदियों में प्रवाहित नही किया जायेगा। उच्च न्यायालय के आदेशों के क्रम में उप जिला मजिस्ट्रेट अभिषेक रूहेला ने तहसील चमोली, नन्दप्रयाग व घाट क्षेत्रान्तर्गत ऐसे सभी नाले-नालियां जो दूषित जल को गंगा नदी में छोड़ रही है, उन्हें तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया है। उन्होंने बताया कि कोई व्यक्ति गंगा नदी या उसकी सहायक नदियों की 500 मीटर की परिधि में मलमूत्र, खुले में शौच नही करेंगा तथा किसी प्रकार का कूड़ा नदी में नही डालेगा। बताया कि आदेशों के उल्लंघन करने पर संबधित के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्यवाही अमल में लायी जायेगी।