मुंबई: शेयर बाजारों में आगामी संक्षिप्त सप्ताह में वायदा एवं विकल्प (एफएंडओ) सौदों की परिप`ता को लेकर उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। अप्रेल माह का एफएंडओ सौदा गुरूवार, 30 अप्रेल को परिप` होगा। इसके अलावा 2014-15 के पूरे कारोबारी वर्ष के और चौथी तिमाही के कंपनी के परिणामों और संसद के बजट सत्र के शेष हिस्से की गतिविधियों का भी शेयर बाजारों पर प्रभाव रहेगा। बाजार आगामी सप्ताह शुक्रवार एक मई को महाराष्ट्र दिवस के मौके पर बंद रहेंगे।
आगामी सप्ताह में निवेशकों की नजर विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) और घरेलू संस्थागत निवेश (डीआईआई) के आंकड़ों, वैश्विक बाजारों के रूझान, डॉलर के मुकाबले रूपए की चाल और तेल की कीमतों पर बनी रहेगी। कंपनियों की ओर से चौथी तिमाही के परिणामों की घोषणा का दौर शुरू हो चुका है। इस दौरान खास-खास शेयरों में उनके परिणामों और भावी आय के अनुमानों के आधार पर विशेष गतिविधि देखी जा सकती है।
सोमवार को आईसीआईसीआई बैंक और मारूति, मंगलवार को भारती एयरटेल और आईडिया सेल्युलर, बुधवार को एचडीएफसी, टीवीएस मोटर कंपनी और सेसा स्टरलाईट, गुरूवार को एक्सिस बैंक और आईडीएफसी लिमिटेड और शुक्रवार को आईडीबीआई बैंक और अडाणी पोट्र्स एंड स्पेशल इकनॉमिक जोन अपने तिमाही परिणामों की घोषणा करेंगी। देश के शेयर बाजारों में निवेशकों की निगाह आगामी सप्ताह में वाहन कंपनियों और तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) के शेयरों पर टिकी रहेगी। सरकारी तेल विपणन कंपनियां आगामी सप्ताह तेल मूल्य की समीक्षा करेंगी। तेल कंपनियां हर महीने के बीच में और आखिर में गत दो सप्ताह में आयातित तेल की औसत कीमत के आधार पर तेल मूल्य की समीक्षा करती हैं।
वाहन कंपनियों के शेयरों पर भी निवेशकों की नजर रहेगी, क्योंकि महीने की पहली तारीख से ये कंपनियां पिछले महीने में हुई बिक्री के आंकड़े जारी करेंगी। अगले सप्ताह मंगवार 28 अप्रेल और बुधवार 29 अप्रैल को अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीति निर्मात्री समिति फेडरल ओपेन मार्केट कमिटी मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक करेगी। निवेशकों की करीब एक दशक में पहली बार फेड की ओर से ब्याज दर बढ़ाने से संबं धित संकेतों पर निगाह लगी हुई है। ब्याज दर बढ़ने से भारत सहित अन्य उभरते देशों से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों द्वारा पूंजी निकालने की उम्मीद है, जिससे बाजार में गिरावट आ सकती है।
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