देहरादून: प्रदेश के शहरी विकास, आवास, राजीव गाँधी शहरी आवास, जनगणना, पुनर्गठन एवं निर्वाचन मंत्री/शासकीय प्रवक्ता, मदन कौशिक ने डी0बी0एस0 सेलाकुई में कृषकों की आय दो गुना करने के उद्देश्य से आयोजित राष्ट्रीय सेमीनार में प्रतिभाग किया। इस सेमीनार में 40 विषयों पर चर्चा की गई। मुख्य अतिथि के रूप में अपने विचार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कृषकों की आय दो गुनी करना आत्मनिर्भरता की तरफ बड़ा कदम है। कृषकों की आय दो गुनी करने के लिए कृषकों को प्रशिक्षण देना होगा। उन्होंने कहा कि आज का सेमीनार प्रासांगिक विषय पर है। इसके निर्णय और निष्कर्ष कृषि विभाग को उपलब्ध कराया जाय। इस सेमीनार में दून बिजनेस स्कूल की- नेशनल कान्फ्रेंस आॅन, डबलिंग फार्मर्सः टैक्नालाॅजिकल एण्ड मैनेजमेंट इण्टर वेन्सन नामक पुस्तिका का विमोचन किया।
मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि कृषकों की आय दो गुनी करने सम्बन्धित उदाहरण को सफलता की कहानी के रूप में लोगों के समुख लाना चाहिए। इस सम्बन्ध में मंत्री मदन कौशिक ने एक महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए कहा कि कुछ दिनांे पूर्व उनकी मुलाकात एक ऐसे नवयुवक से हुई है, जिसने अमेरिका में भारतीय मुद्रा के अुनसार लगभग 55 लाख रूपये का व्यवसाय छोड़कर उत्तराखण्ड में बसने का निर्णय लिया है। उसका उद्देश्य जनपद में जिलाधिकारी के माध्यम से समन्वय कर साॅलिड वेस्ट मैनेजमेंट को गति देना है एवं ठेली दुकान को व्यवस्थित करना है, नगर निकाय के चैयरमैन से मिलकर एल0ई0डी0 लाईट को लाना है। सफलता के रूप में अभी तक उस नवयुवक ने एक हजार से अधिक एल0ई0डी0 लाईट का बदलाव किया, दस ठेली दुकान को व्यवस्थित किया। साॅलिट वेस्ट मैंनेजमेंट को अपनाया है।
मंत्री मदन कौशिक ने कहा कृषि से सम्बन्धित विद्यार्थी अपना लक्ष्य लें कि उन्हें 50 कृषकों को प्रशिक्षित करके प्रगतिशील कृषक बनाना है। कृषकों को यह प्रशिक्षण देना होगा कि कैसे अच्छे उपकरण यंत्र, बीज रसायन का प्रयोग किया जाय। क्लस्टर आधार पर अथवा चकबन्दी के आधार पर अनार्थिक जोत को लाभकारी बनाया जाय। कृषकों की आय दो गुनी करने के लिए गणना परक फार्मूला को धरातल पर लाया जाय एवं कृषकों को उन्हीं की भाषा में जानकारी दी जाय। गन्ना उत्पादक बाई-प्रोडक्ट पैदा करके अधिक आय अर्जन कर सकते हैं।
उन्होंने कहा देश की आजादी के बाद कृषकों के आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा उठाया गया कदम क्रांतिकारी साबित होगा। इस प्रयास से भारत का कृषक दुनियां के सर्वाधिक प्रगतिशील कृषकों की श्रेणी में शामिल होगा। उन्होंने कहा इस सेमीनार से कृषि के क्षेत्र में नवीन विचार व शोध सामने आयेगा। उत्तराखण्ड को 2022 तक आर्गेनिक स्टेट बनाने का लक्ष्य कृषकों की दो गुनी आय करने में मद्द करेगा। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत कृषकों के प्रति संवेदनशील हैं। कृषि विभाग का व्यापक अनुभव रखते हैं। इस अनुभव का उपयोग करते हुए सरकार से सम्बन्धित विभाग कृषकों के आय को बढ़ाकर, आत्मनिर्भर बनायेंगे।
इस अवसर पर चैयरमैन दून बिजनेस स्कूल देहरादून मोहित अग्रवाल, कैम्पस डायरेक्टर दून बिजनेस स्कूल बी0पी0 पेथिया, निदेशक भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान देहरादून पी0के0मिश्रा, परियोजना निदेशक भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान भोपाल प्रदीप डे, कुलपति श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय एवं उत्तराखण्ड तकनीकी विश्वविद्यालय यू0ए0रावत आदि मौजूद थे।