देहरादून: जिला तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की बैठक जिलाधिकारी रविनाथ रमन की अध्यक्षता में कलैक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई। उन्होने कहा कि 10 से 11 वर्ष के
बच्चे तम्बाकू के सेवन करने हेतु प्रभावित हो रहे है जो कि चिन्तनीय विषय है, उन्होने कहा कि युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से बचाना जरूरी है, इसके लिए सम्बन्धित अधिकारी अपना दायित्व जिम्मेदारी से निर्वहन करें, ताकि युवाओं में बढती नशे की प्रवृत्ति को रोका जा सके।
बैठक में जिलाधिकारी रविनाथ रमन निर्देश दिये कि सरकारी कार्यालय, होटल रेस्टोरेन्ट, सार्वजनिक स्थल, दुकानों पर तम्बाकू चेतावनी बोर्ड अनिवार्य रूप से लगें हो। उन्होने ने कहा कि पान दुकानों, सार्वजनिक स्थानों एवं बस स्टैण्ड पर तम्बाकू का प्रचार करने वाले बोर्ड न हो यदि ऐसा पाया जाता है तो सम्बन्धित के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी। जिलाधिकारी द्वारा स्कूलों में चेतावनी पेन्टिंग की जानकारी लेने पर उन्हे अवगत कराया गया कि अब तक जनपद में 75 स्कूलों पर चेतावनी बोर्ड/पेन्टिंग कर दी गयी हैं। जिलाधिकारी ने इतने कम स्कूलों में बोर्ड लगने का कारण जानने पर उन्हे अवगत कराया गया कि प्राईवेट स्कूल/संस्थान कार्य में सहयोग नही कर रहें है, जिस पर जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिये कि जनपद के सभी सरकारी/गैर सरकारी स्कूल संस्थानों को उनकी ओर से पत्र प्रेषित करें, कि सरकारी/गैर सरकारी स्कूल/ संस्थानों में एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से तम्बाकू चेतावनी बोर्ड/ पेंन्टिग लगा दें, ऐसा न करने वाले स्कूलों/संस्थानों के प्रधानाध्यापकों/प्रबन्धकों पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी तथा गैर सरकारी शिक्षण संस्थाओं का लाईसेंस निरस्त करने की कार्रवाई अमल में लाई जायेगी। उन्होने निर्देश दिये कि स्कूलों के पास लगने वाली ठेलियों, रेहडि़यों एवं दुकानों की निरन्तर चैकिंग की जाये जिससे स्कूलों के आस-पास किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ विक्रय न होने पाये ऐसा पाये जाने पर सम्बन्धित के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी। उन्होने अधिकारियों को निर्देश दिये कि स्कूल गेट के 100 मीटर परिधि के भीतर किसी तम्बाकू के पदार्थ की बिक्री न होने पाये। जिलाधिकारी ने कहा कि प्राईवेट बसों में धूम्रपान की शिकायतें प्राप्त हो रही है, बसों में धूम्रपान रोकने के लिए उन्होने परिवहन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे प्राईवेट बसों में धूम्रपान करते पाये जाने पर धूम्रपान करने वाले व्यक्ति को धूम्रपान करने से रोकें यदि फिर भी कोई धूम्रपान करता पाया जाता है तो सम्बन्धित परिचालक के विरूद्ध कार्रवाई अमल में लाई जाये।
जिलाधिकारी ने कक्षा 8, 9 व 10 के पाठ्यक्रम में एक विषय तम्बाकू नियंत्रण एवं तम्बाकू सेवन के दुष्प्रभाव के प्रति जागरूकता विषय शामिल करने हेतु उनकी ओर से महानिदेशक शिक्षा को पत्र बनाने के निर्देश दिये। उन्होने निर्देश दिये कि नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से स्कूलों एवं शिक्षण संस्थानों में जागरूकता अभियान चलाया जाये। जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि ग्राम सभा, बी.डी.सी की बैठक में तम्बाकू से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में प्रचार किया जाये तथा जागरूक किया जाय। जिलाधिकारी ने जिला मनोंजनकर अधिकारी को निर्देश दिये सिनेमाघरों फिल्म शुरू होने से पहले तम्बाकू /घूम्रपान से होने वाले दुष्प्रभाव की जानकारी दिखाई जाये। उन्होने जिला तम्बाकू नियंत्रण टीम को रोस्टर वाईज तम्बाकू के विरूद्व अभियान चलाने तथा जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने समस्त सरकारी विभागों के कर्यालयध्यक्षों को अपने कार्यालय में धूम्रपान पर प्रभावी रोक लगाने तथा तम्बाकू सेवन के दुष्प्रभाव का प्रचार अपने स्तर से करने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने कहा कि जो खुले एवं सार्वजनिक स्थानों, कार्यालयों में धूम्रपान पर होने वाले चालान की धनराशि जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्साधिकारी के संयुक्त खाते में रखने हेतु पत्र लिखा जाय, प्राप्त होने वाली धनराशि से तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम में व्यय की जाय।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एस.पी अग्रवाल, शिक्षा अधिकारी माध्यमिक सी.एन काला, आई.एम.ए के जिला अध्यक्ष डा. जे. पी शर्मा, डा. अनुराधा, परियोजना निदेशक डी.आर.डी.ए नालिनी घिल्डियाल, ए.आर.टी.ओ ए.के पाण्डे, सहायक आयुक्त मनोरंजनकर सहित सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।