लखनऊ: लखनऊ के मोहान रोड स्थित राजकीय बाल गृह सहित प्रदेश भर के राजकीय बाल गृहों में धूमधाम से आज बालदिवस का आयोजन किया गया। प्रदेश की महिला एवं परिवार कल्याणमंत्री प्रो0 रीता बहुगुणा जोशी ने मुख्य अतिथि के रूप में लखनऊ के मोहान रोड स्थित राजकीय बाल गृह में आयोजित कार्यक्रमों में बच्चों का उत्साहवर्द्धन किया।
इस अवसर पर बच्चों को सम्बोधित करते हुए प्रो0 जोशी ने कहा कि प्रदेश सरकार बच्चों के विकास और बेहतर शिक्षा-दीक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बाल गृहों में रह रहे बच्चों में जो बच्चे उत्कृष्ट शैक्षिक परिणामों को प्राप्त कर रहे हैं उन्हें प्रदेश सरकार के व्यय पर प्रशिक्षण एवं शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रदेश के बाहर के संस्थानों में भी भेजा जा रहा है, जहां से प्रशिक्षित बच्चे आज आत्मनिर्भर होकर सम्मान का जीवन व्यतीत कर रहे हैं। प्रो0 जोशी ने बच्चों को भारत रत्न पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कमाल का सर्वोच्च उदाहरण तथा प्रदेश से जूनियर हाॅकी की राष्ट्रीय टीम में प्रतिभाग करते हुए हाल ही में आस्ट्रेलिया से रजत पदक जीत कर लाई हाकी की खिलाड़ी मुमताज का उदाहरण देते हुए बच्चों से कहा कि प्रतिभा उनके अन्दर छिपी हुई है और परिस्थितियां या अभाव उनके विकास का मार्ग नहीं रोक सकते।
इस अवसर पर प्रतियोगिताओं में विजेता प्रतिभागियों को मेडल एवं अन्य पुरस्कारों से पुरस्कृत किया गया। समारोह में सम्प्रेक्षण गृह के बच्चों द्वारा महिला एवं परिवार कल्याण मंत्री प्रो0 रीता बहुगुणा जोशी का हस्तनिर्मित स्केच चित्र भेंट किया गया।
प्रो0 जोशी ने बच्चों की आकर्षक प्रस्तुतियों पर आयोजकों की मेहनत का सराहना भी की। उन्होंने घोषणा की कि बालगृह के बच्चों को बालदिवस के उपलक्ष्य में प्रेरणादायक फिल्म ‘बुधिया’ दिखाने की व्यवस्था की जायेगी। प्रो0 जोशी ने इस अवसर पर मोहान रोड स्थित राजकीय बालगृह विशेषीकृत में बच्चों के साथ समय व्यतीत किया और प्रदेश भर के बालगृहों में हो रही सांस्कृतिक गतिविधियों की जानकारी भी ली। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्रीमती रीमा मल्होत्रा (पी.सी.एस.जे.) द्वारा भी राजकीय सम्प्रेक्षण गृह में एक विधिक साक्षरता कैम्प का आयोजन किया गया।
ज्ञातव्य है कि मोहान रोड लखनऊ स्थित राजकीय बालगृह में आयोजित बाल दिवस कार्यक्रम में जनपद के राजकीय बाल गृह (बालक), राजकीय सम्प्रेक्षण गृह, राजकीय बाल गृह (शिशु), राजकीय महिला शरणालय, राजकीय बाल गृह (बालिका), राजकीय पश्चातवर्ती देखरेख संगठन (किशोर), राजकीय पश्चातवर्ती देखरेख संगठन (किशोरी) से आये लगभग 200 बच्चों ने प्रतिभाग किया।