लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में फिल्म विकास एवं फिल्मों के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए फिल्म नीति उत्तर प्रदेश-2015 निर्धारित की है। प्रदेश में फिल्मों के निर्माण एवं विकास को बढ़ावा देने के लिए फिल्म निधि की स्थापना की जायेगी। फिल्म तथा फिल्म सम्बन्धी अवस्थापना के विकास की विभिन्न योजनाओं का वित्त पोषण करने के लिए सिनेमा टिकटों पर 50 पैसे का शुल्क चार्ज किया जायेगा।
यह शुल्क प्रत्येक जिले के कोषागार में ‘फिल्म निधि‘ के नाम से जमा किया जायेगा। इस प्रकार से एकत्र की गयी धनराशि समेकित रूप में कर एवं निबन्धन विभाग से ज्ञात कर उसके समतुल्य धनराशि प्रत्येक वर्ष सूचना विभाग के आय-व्ययक में अलग लेखा शीर्षक खोलकर प्राविधानित करायी जायेगी तथा उसे अनुदान के रूप में ‘फिल्म बन्धु‘ को स्वीकार की जायेगी, जिसे फिल्म बन्धु के अधीन स्थापित ‘फिल्म विकास निधि‘ में जमा किया जायेगा।
इसका संचालन ‘‘उत्तर प्रदेश फिल्म बन्धु‘‘ द्वारा किया जायेगा। इसके साथ ही फिल्म विकास निधि में अनुदान के अतिरिक्त फिल्म उपकरणों के किराये, फिल्म महोत्सव के आयोजन में टिकटों से होने वाली आय को भी जमा किया जायेगा। निधि से प्राप्त धनराशि का उपयोग निम्नलिखित कार्यों के लिए किया जायेगा। फिल्म/वीडियो फिल्म/डाक्यूमेंट्री फिल्म तथा क्षेत्रीय फिल्मों के निर्माण हेतु अवस्थापना सुविधा का विकास। हिन्दी फिल्म/वीडियो फिल्म/डाक्यूमेन्ट्री फिल्म तथा क्षेत्रीय फिल्मों के निर्माण को प्रोत्साहित किया जायेगा।
फिल्म निधि से उपर्युक्त फिल्मों के निर्माण के लिए वित्तीय सुविधा उपलब्ध कराने, उपयुक्त फिल्मों के निर्माण के लिए अनुदान उपलब्ध कराने, फिल्म निर्माण से सम्बन्धित उपकरणों की व्यवस्था तथा फिल्म स्टूडियो की स्थापना की जायेगी। फिल्मों के लिए पुरस्कार, फिल्म छात्रों के लिए छात्रवृत्ति, फिल्म महोत्सवों एवं फिल्म गोष्ठियों का आयोजन करने, ॅिफल्म से सम्बन्धित अन्य सभी कार्यक्रम करने, फिल्म बन्धु की स्थापना तथा उसके रख-रखाव सम्बन्धी व्यय की व्यवस्था की जायेगी।