देहरादून: गैरसैंण में बन रहे विधान सभा भवन की प्रगति एवं अन्य अवशेष कार्य यथा अतिरिक्त स्टाफ डोरमेट्री, स्टाॅफ हास्टल एवं बाउण्ड्रीवाल के निर्माण हेतु अतिरिक्त धनराशि विषयक बैठक अध्यक्ष मा0 गोविन्द सिंह कुंजवाल की अध्यक्षता में विधान सभा सभागार मे सम्पन्न हुई।
बैठक में अध्यक्ष श्री कुंजवाल ने विधान सभा अवस्थापना सम्बन्धी अवशेष निर्माण कार्यों के लिए कार्यदायी संस्था एन.बी.सी.सी. द्वारा प्रस्तुत रूपये 60 करोड़ की अतिरिक्त धनराशि का प्राविधान अनुपूरक बजट से कराने के निर्देश सचिव शहरी विकास डी.एस.गब्र्याल को दिये। उन्होंने बताया कि कार्यदायी संस्था द्वारा विधान सभा भवन निर्माण एवं अन्य अवस्थापना कार्यों हेतु आगणित रूपये 105 करोड़ की धनराशि का उपयोग कर लिया गया किन्तु लगभग रूपये 60 करोड़ की अतिरिक्त धनराशि की अतिरिक्त मांग की गयी ह,ै जिसमें क्षेत्र में स्नोफाल को देखते हुए डिजाइन मोडिफाइड करने, पुश्ता आदि सम्बन्धी कार्य यथा, दीवारों की आर.सी.सी.स्टोन पेस्टिंग, लेबलिंग, विधान सभा परिसर की सड़क का विस्तार करने, भवनों को पासेज के माध्यम से जोड़ने, फर्नीचर आदि व्यवस्था तथा केन्द्र सरकार के सर्विस टैक्स 14.5 प्रतिशत का प्रस्ताव सम्मिलित है। उन्होंने 13 वित्त आयोग की संस्तुति के अन्तर्गत गैरसैंण में मिनी सचिवालय निर्माण कार्य हेतु 30 मार्च, 2015 के शासनादेश द्वारा जिलाधिकारी देहरादून के पी.एल.ए. में जमा 13 करोड़ की धनराशि को बढ़ाने के निर्देश सचिव वित्त को दिये। उन्होंने कहा कि अल्प वेतन भोगी कर्मचारियों यथा ड्राइवर, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के गैरसैंण में आवासीय मांग को ध्यान में रखते हुए पी.एल.ए. में रखी धनराशि को कार्यदायी संस्था के आगणन के अनुसार 23 करोड़ रूपये तक बढ़ाया जाये।
उपाध्यक्ष विधान सभा, डाॅ0 अनसूया प्रसाद मैखुरी ने विधान सभा भवन निर्माण की स्थलीय निर्माण की अद्यतन प्रगति की जानकारी देते हुए अध्यक्ष महोदय के संज्ञान में लाया कि स्थानीय जनता की मांग है कि विदेशी प्रजनन केन्द्र भराड़ीसैण को सारकोट में उपलब्ध खाली भूमि में स्थापित किया जाये। श्री मैखुरी ने बताया कि ग्राम सारकोट में उपलब्ध 32.5 एकड़ सिविल भूमि जो राज्य सम्पति विभाग को विधानभवन एवं आवासिय भवनों के स्थानान्तरित की गई थी, में कोई निर्माण कार्य नही हुआ है, को विदेशी पशु प्रजनन प्रक्षेत्र स्थापित करने के लिए हस्तान्तरित कर दिया जाये।
सचिव विधान सभा जगदीश चन्द्र ने बताया कि गैरसैंण में विधान सभा परिसर में अतिरिक्त कार्य यथा स्टाॅफ डोरमेट्री, स्टाफ हाॅस्टल, एवं बाउण्ड्रीवाल के निर्माण हेतु कार्यदायी संस्था एन.बी.सी.सी. द्वारा गठित आगणन रूपये 31.29 करोड़ को टी.सी.सी.(वित्त) को प्रेषित किया गया था। टी.ए.सी. द्वारा आगणन में आंकलित धनराशि रूपये 2783.18 लाख के सापेक्ष औचित्यपूर्ण धनराशि रूपये 2372.13 लाख की संस्तुति की गयी है। उक्त के अतिरिक्त आगणन में प्राविधानिक धनराशि रूपये 345.82 लाख के कार्यों हेतु उत्तराखण्ड अधिप्राप्ति नियमावली 2008 के अनुसार कार्यवाही किये जाने हेतु परामर्श दिया गया है। टी.ए.सी. परीक्षणोंपरान्त आगणन की धनराशि रूपये 5.00 करोड़ से अधिक होने के कारण नियोजन/राज्य आयोग के माध्यम से प्रकरण को व्यय वित्त समिति हेतु संदर्भित किया गया था। जिसका विभाग द्वारा लगाई आपत्तियों के निस्तारण हेतु नियोजन द्वारा पत्र भेजा गया जिस पर सचिव नियोजन एम.सी.जोशी ने कहा कि, उपरोक्त कार्यों का प्रस्तुत आगणन कार्यदायी संस्था द्वारा बी0ओ0क्यू0 के आधार पर गठित कर उपलब्ध कराया गया जबकि परियोजना की डी.पी.आर होनी आवश्यक है। उन्होंने डिजायन के माध्यम से आगणन प्रस्तुत करने के निर्देश निर्देश कार्यदायी संस्था को दिये। जिस पर एन.बी.सी.सी. अधिकारी द्वारा शीघ्र नियोजन विभाग को वांछित अभिलेख उपलब्ध कराने की स्वीकारोक्ति की गयी।
बैठक में सचिव शहरी विकास डी.एस.गब्र्याल, सचिव नियोजन एम.सी.जोशी, विधान सभा के संयुक्त सचिव मदन कुंजवाल, उप सचिव चन्द्र मोहन गोस्वामी सहित सम्बन्धित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।