रुद्रप्रयाग: केदारनाथ मंदिर के कपाट बुधवार को सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर खुल गए. इस मौके पर पुजारियों ने परंपरागत तरीके से मंत्रोच्चारण के साथ बाबा केदारनाथ की पूजा-आर्चना की. वहीं, पूरे मंदिर को फूलों से सजाया गया है, जिसकी सुन्दरता देखते ही बन रही है. लेकिन खास बात यह है कि श्रद्धालु लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से बाबा के दर्शन नहीं कर पाएंगे. मंदिर के मुख्य पुजारी सहित केवल 16 लोग ही यहां पर उपस्थित रह सकते हैं.
Uttarakhand: Portals of the Kedarnath temple were opened at 6:10 am today. 'Darshan' for the devotees is not allowed at the temple as of now. https://t.co/v4Cj8RQja9 pic.twitter.com/jn5vUBN42N
— ANI (@ANI) April 29, 2020
26 अप्रैल से शुरू हो चुकी है चारधाम यात्रा
उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा की शुरुआत हो चुकी है. बीते 26 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धामके कपाट खुलने के साथ ही इस पवित्र यात्रा की शुरुआत हो गई. चारधाम यात्रा के शुरू होने के साथ ही अब लोगों को बाबा केदारनाथ धाम के कपाट खुलने का इंतजार था. जिसे 29 अप्रैल यानी कि आज खोला जा चुका है. वहीं इससे पहले सोमवार को परंपरागत रूप से बाबा केदार की डोली निकाली गई. कड़ाके की ठंड और हड्डी गला देने वाली बर्फ के बीच श्रद्धालु नंगे पांव ही बाबा केदार की डोली लेकर केदारनाथ धाम की ओर बढ़ चले. हालांकि कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम को लेकर अभी लॉकडाउन है. उत्तराखंड के विभिन्न इलाकों में लोग अपने घरों में कैद हैं. बावजूद इसके जिसने भी इस मनोहारी दृश्य को देखा, वह विभोर हो गया.
आदि शंकराचार्य ने की थी स्थापना
बुधवार को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से पूर्व सोमवार को बाबा केदार की डोली को लेकर बर्फ और कड़ाके की ठंड के बीच पूरे सम्मान के साथ भक्त केदरनाथ धाम की तरफ बढ़ते गए. आठवीं शताब्दी में आदि शंकराचार्य (Adi Shankaracharya) के द्वारा बनाए गए केदारनाथ धाम के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए साल में 6 महीने ही खोले जाते हैं. मान्यता है कि डोली उठाने वाले भक्त नंगे पैर ही डोली को लेकर जाते हैं.