देहरादून: राज्य में पारंपरिक दाईयों के ज्ञान कौशल का वर्धन करने के उद्देश्य से राज्य सरकार के सहयोग से मैक्स इंडिया फांउडेशन ने राज्य में मार्च 2015 से दाई प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरूआत की गयी। इसी क्रम में आज जनपद देहरादून की दाइयों को प्रशिक्षित करने तीन दिवसीय दाई प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन तथा पत्रिका का विमोचन राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्री सुरेन्द्र सिंह नेगी ने हरिद्वार रोड देहरादून एक वैडिंग हाल में किया ।स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत अब तक राज्य के 7 जनपद हरिद्वार, टिहरी, उत्तरकाशी, पौड़ी, चमोली, रूद्रप्रयाग तथा अल्मोड़ा में कुल 778 दाइयों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। उन्होने यह भी बताया कि जनपद देहरादून में तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान प्रत्येक दिन छ बैच में प्रशिक्षण दिया जाएगा जिसमें जनपद की 166 दाइयों को प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड सरकार की इस पहल में प्रमुख भूमिका निभाई है। नवजात शिशुओं और माताओं की जीवन रक्षा में मा मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड सरकार की गहरी रूचि के कारण ही उन्होने मैक्स से इस कार्यक्रम को संचालित करने का आग्रह किया है। उन्होने कहा कि यह एक प्रयास है प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों में जहां से सभी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नही है। ऐसे क्षेत्रों में दाई प्रशिक्षित होंगी तो प्रसव के दौरान डाॅ की उपलब्धता न होने पर सुरक्षित प्रसव कराया जा सकता है।
इस अवसर पर महानिदेशक डाॅ भट्ट ने कहा कि यह प्रशिक्षण राज्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, राज्य के दूरदराज क्षेत्रों में महिलाओं के लिए गुणवत्तापूर्वक स्वास्थ्य सेवाएं आज भी एक प्रमुख मुद्दा है। उन्होने विश्वास जताया कि इस तरह की पहल से उत्तराखण्ड राज्य के ग्रामीण तथा दूरस्थ क्षेत्रों में महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण सुधार आयेगा।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डाॅ एस.पी अग्रवाल ने कहा कि यह प्रशिक्षण पारंपरिक दाईयों के कौशल उन्नयन तथा माताओं एवं उनके नवजात बच्चों की जीवन रक्षा में मदद करेगा। उन्होने कहा कि वर्तमान प्रसव तकनीक और दाईयों के वर्तमान ज्ञान को मिलाकर यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इस अवसर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी मैक्स इंडिया फांउडेशन सुश्री दलजीत ने कहा कि दाईयों के प्रशिक्षण हेतु पाठ्यक्रम विकसित करने के लिए स्त्रीरोग विशेषज्ञों और सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के साथ मिलकर एक सलाहकार समिति गठित की गयी है। उन्होने बताया कि इस प्रशिक्षण हेतु एम्स देहरादून द्वारा मैक्स इंडिया फांउडेशन का सहयोग किया गया है। यह प्रयास राज्य में शिशु और मातृ मृत्यु दर को कम कर राज्य में एक स्वस्थ पीडी लाने में दाईयों को सशक्त बनाएगा।
