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Lucknow

प्रशिक्षण से खुल रहे हैं, रोजगार के नये द्वार: केशव प्रसाद मौर्य

उत्तर प्रदेश

लखनऊ: उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व व निर्देशन में ग्रामीण क्षेत्रों में बन रहे प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के आवासों की गुणवत्ता सुनिश्चित कराने तथा घरों के निर्माण के लिए कुशल राजमिस्त्रियों उपलब्धता सुनिश्चित कराने के दृष्टिगत प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अन्तर्गत रूरल मेसन ट्रेनिंग का कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने बताया कि ग्रामीण राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षण देकर और अधिक कुशल,दक्ष और हुनरमंद बनाया जा रहा है, इससे, मिस्त्रियों के लिए रोजगार के नये द्वार खुलेंगे और
राज मिस्त्रियों के प्रशिक्षण से उनकी आय में होगा इजाफा होगा, यही नहीं प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण व मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत बनाये जा रहे आवासों की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत चलाई जा रही इस योजना में प्रदेश मे 39हजार से अधिक राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षित
किया जा चुका है। ग्रामीण क्षेत्र के प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे पुरूष/महिला को सर्टिफिकेशन के बाद बड़े जगहों एवं निर्माण एजेन्सियों में कार्य करने का अवसर मिलता है, जिससे उनकी कार्य क्षमता के उपयोग के साथ उन्हें बेहतर मजदूरी भी मिलेगी। ग्राम्य विकास विभाग ग्रामीण परिवारों के उत्थान के लिए सतत् प्रयासरत है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अन्तर्गत रूरल मेसन ट्रेनिंग इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उपमुख्यमंत्री द्वारा यह भी बताया गया है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्ता पूर्ण निर्माण कार्याे में राजमिस्त्रियों की पर्याप्त उपलब्धता के कारण तेजी आएगी तथा लोगों के लिए रोजगार के नये अवसर भी प्राप्त होगे। विशेष बात तो यह भी है कि इस योजना में  महिला राजमिस्त्रियों को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पुरूषों के साथ महिला राजमिस्त्रियों का प्रशिक्षण एक महत्वपूर्ण कार्य है, जिससे महिला सशक्तीकरण एवं उनको आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिल रही है।
श्री मौर्य ने बताया कि कि अब तक रूरल मेसन ट्रेनिंग के अन्तर्गत कुल 54,105 लाभार्थी इन्नरोल्ड किये गये है, जिनमें से 39,236 लाभार्थियों का प्रशिक्षण कराया जा चुका है तथा 26 हजार राजमिस्त्रियों का एसेसमेन्ट भी पूर्ण हो गया है और 19259 राजमिस्त्रियों सर्टिफिकेशन भी हो गया है। पुरूषांे के अलावा महिला राजमिस्त्रियों (रानी मिस्त्री) को भी इसमें प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 7058 महिला राजमिस्त्रियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिनमें से 2542 महिला राजमिस्त्रियों का सर्टिफिकेशन भी हो गया है। ग्राम्य विकास  विभाग द्वारा  ग्रामीण क्षेत्र के ऐसे व्यक्तियों को चिन्हित कर जो राजमिस्त्री का प्रशिक्षण लेने के इच्छुक हो, को प्रशिक्षण देने की कार्यवाही की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्र में जो राजमिस्त्री पहले से राजगीरी का काम कर रहे होते हैं, उन्हें 15 दिन का और जो व्यक्ति राजमिस्त्री का काम नहीं करते हैं या नहीं जानते हैं और प्रशिक्षण लेने के इच्छुक होते हैं, तो उन्हें 45 दिन का प्रशिक्षण देकर कुशल मिस्त्री बनाया जाता है। यह प्रशिक्षण राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एन०एस०डी०सी०) के ग्रामीण राजमिस्त्री अर्हता पैक (क्यू0पी0) के अनुसार दिया जा रहा है। प्रदेश में ग्राम्य विकास विभाग द्वारा दीन दलाय उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, बक्शी का तालाब, लखनऊ को प्रशिक्षण के लिए नोडल एजेन्सी नामित किया गया है। नोडल एजेन्सी द्वारा भारतीय निर्माण कौशल विकास परिषद (सी०एस०डी०सी०आई०) से मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण प्रदाता (ट्रेनिंग प्रोवाइडर) से प्रशिक्षण का कार्य कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए प्रदेश की 167 आंगनवाड़ी एवं मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्तियों को सुपरवाइजर के पद पर नियुक्त होने पर नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने नन्दा गौरा योजना एवं मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना के ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ भी किया।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि दुर्गा अष्टमी के दिन 167 आंगनबाड़ी और मिनी आंगनवाड़ी माताओं-बहनों को सुपरवाईजर के पद पर नियुक्ति पत्र प्रदान करने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा आंगनवाड़ी कार्यकर्तियों की समाज में अहम भूमिका है। बच्चों के पालन पोषण में आंगनवाड़ी की अहम भूमिका है। आंगनवाड़ी कार्यकर्तियां, मां यशोदा की तरह बच्चों का पालन-पोषण करती हैं। राज्य सरकार आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थिति मजबूत करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आंगनवाड़ी, मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्तियों और सहायिकाओं को सशक्त बनाने के लिए उनके मानदेय में वृद्धि की गई है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आंगनबाड़ी पद से चयन कर सुपरवाइजर हेतु निर्धारित कुल 299 पदों के सापेक्ष 167 रिक्त पदों पर नियुक्ति दी जा रही है। साथ ही समस्त आंगनवाड़ी कर्मियों का मानदेय राज्य स्तर से सीधे उनके बैंक खातों में ऑनलाईन लगभग 24 करोड़ रूपये प्रति माह भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना में 23895 महिलाओं को ₹9.35 करोड़ की धनराशि उनके बैंक खाते में जारी की गई है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज महालक्ष्मी किट योजना के अनुश्रवण (मॉनिटरिंग) हेतु पोर्टल के उद्घाटन से प्रति वर्ष राज्य की लगभग 50 हजार धात्री महिलाओं व नवजात शिशुओं को आवश्यक कपड़े एवं किट की सामग्री सुलभता से उपलब्ध होगी। साथ ही नन्दागौरा योजना के पोर्टल के उद्घाटन से प्रतिवर्ष लगभग 50 हजार बालिकाओं को जन्म पर ₹11 हजार व कक्षा 12 उत्तीर्ण करने पर ₹51 हजार की धनराशि हेतु आवेदन करने की ऑनलाईन सुविधा उपलब्ध हो जायेगी। यह डिजिटल उत्तराखण्ड की ओर राज्य सरकार का महत्वपूर्ण कदम होगा।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखण्ड को 3940 आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण हेतु स्वीकृति प्रदान की है। प्रत्येक आंगनवाड़ी केन्द्र के लिए ₹12 लाख की धनराशि – मनरेगा, केन्द्र व राज्य का अंश मिलाकर-निर्धारित की गई है। इस प्रकार कुल ₹ 472 करोड़ की धनराशि व्यय कर महिलाओं एवं बच्चों के लिए सुविधाजनक आंगनवाड़ी केन्द्र उपलब्ध कराये जायेगें।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व वाली सरकार ने प्रत्येक क्षेत्र में महिलाओं को सशक्त बनाने का कार्य किया है। आज वित्तीय समावेश से लेकर सामाजिक सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा से लेकर आवास, शिक्षा से लेकर उद्यमिता तक, महिलाएं समाज का नेतृत्व कर रही हैं।
महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी के नेतृत्व में प्रदेश के अंदर आंगनवाड़ी कार्यकर्तियों के हित में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। सभी के मानदेय में वृद्धि की गई है। आज प्रदेश के अंदर महिलाओं का मनोबल बढा है। महिलाओं के कल्याण एवं उनको स्वावलंबी बनाने हेतु राज्य में कई नीतियों पर कार्य हुआ है। राज्य सरकार महिलाओं के विकास एवं कल्याण हेतु हमेशा तत्पर है। इस दौरान कार्यक्रम में सचिव हरीश चंद्र सेमवाल, अपर सचिव प्रशांत आर्य एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

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