देहरादून: आज रायपुर पुलिस थाने के समीप जंगल के पास निजी भूमि पर हुई आग की घटना की सूचना पर वन मंत्री श्री दिनेश अग्रवाल ने स्थल का मौका-मुआयना किया। उन्होने इलैक्ट्रानिक मीडिया को दिये साक्षात्कार में बताया कि वनाग्नि की घटना पर मसूरी वन प्रभाग द्वारा आग बुझा दी गयी है, इसी प्रकार एक छोटी घटना अपर यमुना बडकोट के कथलूर सौयम क्षेत्र में दर्ज की गयी, जिसे तत्काल नियंत्रित कर लिया गया है। उत्तरकाशी डिविजन में वरूणावत पर्वत पर लगी आग को भी कल दोपहर तक नियंत्रित कर लिया गया था। आज प्रातः 11.50 बजे पर वनाग्नि की एक सूचना उत्तरकाशी जिले के जनपद के मण्डोतिलोथ क्षेत्र से आयी हैं जिसकों वन कर्मचारियों द्वारा नियंत्रित कर लिया गया है। उन्होने बताया कि अभी तक कुल 1842 वनाग्नि की घटनाएं घटित हुई ह,ैं जिसमें कुल 4031 है0 वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है। उन्होने कहा कि प्रदेश में वनाग्नि की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण हेतु वन मंत्री उत्तराखण्ड सरकार दिनेश अग्रवाल ने वन विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये हैं।
उन्होने बताया कि वनाग्नि की घटनाओं को ‘‘उत्तराखण्ड वन भुवन पोर्टल’’ के माध्यम से सूचना प्रौद्योगिकी एवं जियोइन्फोर्मेटिक्स सेन्टर (आई.टी.जी.सी) द्वारा लगातार माॅनिटरिंग किया जा रहा है तथा सूचनाओं को तत्काल वाट्सअप, मैसेंजर एवं एस.एम.एस के माध्यम से सम्बन्धित अधिकारियों को सूचित किया जा रहा है ताकि घटना त्वरित गति से नियंत्रण पाया जा सके। उन्होने बताया कि प्रतिदिन एवं आगामी 7 दिन हेतु मौसम की सूचना एवं अति संवेदनशील क्षेत्रों के मानचित्र भी सम्बन्धित प्रभागीय वनाधिकारियों एवं जिलाधिकारियों दिये जा रहें, जिससे वनाग्नि की सूचना पर उपलब्ध संसाधनों का उचित उपयोग किया जा सके। उन्होने बताया कि आम जनता के सूचनार्थ समस्त वनाग्नि से संबंधित सूचनाओं को विभागीय बैबसाईट www.forest.uk.gov.in पर भी प्रतिदिन अपलोड किया जा रहा है तथा ग्राम एवं वन पंचायत स्तर पर वनाग्नि प्रहरियों की व्यवस्था को जुलाई माह तक यथावत रखने व आवश्यकता पड़ने पर संख्या बढ़ाने के निर्देश वन विभाग के अधिकारियों को दिए गये हैं। उन्होने बताया कि सम्पूर्ण प्रदेश भर में नुक्कड नाटक, रैलियों, पोस्टरों एवं गोष्ठियों के माध्यम से जनसाधारण को वनाग्नि के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
वन मंत्री ने कहा कि उनके द्वारा वन क्षेत्रों में फायर लाईन एवं फायर ड्रिल्स् की संख्या बढ़ाने तथा हाल ही में वर्षा रहित वन क्षेत्रों जैसे लैन्सडाउन, नरेन्द्रनगर, टिहरी, देहरादून, राजाजी तथा हरिद्वार वन प्रभाग में अत्यन्त सर्तकता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होने बताया कि वनाग्नि नियंत्रण हेतु एक व्यापक प्लान केन्द्र सरकार को भी भेजा जा रहा है जिससे कि भविष्य में वनाग्नि की घटनाओ को रोका जा सके।
उन्होने बताया कि कुमाऊँ एवं गढ़वाल जोनं हेतु नोडल आफिसर नामित कर फील्ड स्तरीय मानिटिरिंग भी की जा रही है। 15 मई, 2016 को तीन घटनाएं रिपोर्ट की गयी जिनमें दो घटनाएं टौंस वन प्रभाग के देवता रेंज में एवं एक घटना टिहरी वन प्रभाग के लम्बगांव रैंज, में दर्ज की गयी हैं, जो टौंस वन प्रभाग द्वारा दोनों घटनाओं को देर रात तक तथा टिहरी वन प्रभाग द्वारा आज सुबह 09.00 बजे तक नियंत्रित कर लिया गया।
