देहरादून: उत्तराखण्ड जनजाति कल्याण समिति, जो उत्तराखंड की पाँचों जनजातियों की प्रतिनिधि संस्था है, का वार्षिक अधिवेशन जिला पंचायत भवन, तहसील चौक, देहरादून मे सम्पन्न हुआ. इस अधिवेशन में उत्तराखण्ड की पांचों जनजातियों क्रमशः जौनसारी, भोटिया, थारू, बोक्सा व राजि के लगभग 100 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अधिवेशन में सर्वप्रथम कार्यवाही की शुरुआत करते हुए समिति के पूर्व महासचिव श्री रणवीर सिंह तोमर द्वारा समिति के गत वर्षों के कार्यकलापों का विस्तृत व्यौरा दिया गया साथ ही सदन को अवगत कराया गया कि समिति की नई कार्यकारिणी का भी चुनाव होना है।
समिति के संरक्षक श्री एस0एस0 पांगती के मार्गदर्शन में, निर्वाचन अधिकारी के माध्यम से सदन में सर्वसम्मति से निम्न पदाधिकारियों का निर्वाचन किया गयाः
अध्यक्षः सर्व श्री चंद्र सिंह ग्वाल
वरिष्ठ उपाध्यक्ष : श्री दर्शनलाल
उपाध्यक्ष : श्री रणवीर सिंह तोमर
महासचिव : सुश्री विमला
सचिव : श्री अनिल तोमर
कोषाध्यक्ष : श्री मंगतु सिंह
कार्यालय सचिव : श्री राजेन्द्र कुटियाल
संग़ठन सचिव : श्री सुनील पुण्डीर
आंतरिक लेखाकार : श्री सुरेंद्र सिंह बिष्ट
प्रवक्ताः श्री भारत चौहान
कार्यकारिणी सदस्यः श्री गंगा सिंह पांगती (बागेश्वर), मानसिंह बोक्सा (शेरपुर देहरादून), राम सिंह तोमर (जौनसार देहरादून) तथा रतन सिंह चौडाकोटी (राजि जनजाति).
पदाधिकारियों के चयन के पश्चात समिति के बॉयलॉज में संशोधन करने तथा समिति में पदों को बढाने हेतु सुझाव आये। सदन में एक परामर्शदाता मण्ड्ल के गठन का सुझाव भी प्राप्त हुआ जिसमें मुख्य रूप से श्री नृप सिंह नपलच्याल, श्री अजय सिंह नबियाल, श्री वाई0एस0 पांगती, डॉ0 प्रेम सिंह राणा (विधायक नानकमत्ता), व श्री लीले सिंह, श्रीमती सरला आदि को सदस्य बनाने का भी सुझाव दिया गया। इन सभी सुझावों पर नव नियुक्त कार्यकारिणी को गहन विचार के पश्चात शीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
नवनियुक्त कार्यकारिणी के अध्यक्ष द्वारा पूर्व कार्यकारिणी के पदाधिकारियों का संस्था और जनजाति के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में दिए गए अभूतपूर्व योगदान के लिए सभी सदस्यों की ओर से धन्यवाद दिया गया। इस अवसर निवर्तमान अध्यक्ष श्री गोपाल सिंह राणा ने सदस्यों को अवगत कराया कि समिति के अथक प्रयासों के फलस्वरूप गठित उत्तराखंड जनजाति सलाहकार परिषद में शीघ्र ही सदस्यों को नामित किया जाएगा और सलाहकार परिषद को जनजाति के उत्थान हेतु सक्रिय किया जाएगा। इस अवसर पर उत्तराखंड जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री नृप सिंह नपलच्याल जी ने सभी जनजाति के सदस्यों को आयोग की ओर से उनके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा तथा विकास के प्रयासों में भरपूर सहयोग का आश्वासन दिया गया।
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