देहरादून: सम्भावित प्राकृतिक आपदा (भूकम्प) से निपटने हेतु देहरादून शहर में जिलाधिकारी रविनाथ रमन के नेतृत्व में माॅक ड्रिल का अभ्यास किया गया। जिला कार्यालय सभाकक्ष में बनाये गये इमरजेंसी आपरेशन सेन्टर में जिलाधिकारी एवं नेशनल डिजास्टर मैनेजमैंट के सिनियर कसंल्टेंट (सेवानिवृत्त) मेजर जनरल वी.के दत्ता के संयुक्त अध्यक्षता में समस्त विभागीय अधिकारियों के साथ भूकम्प से निपटने हेतु रणनीति बनाई गई।बैठक में समस्त कार्याल्याध्यक्षों को दायित्वों के निर्वहन के लिए दिशा निर्देश दिये गये। सर्वप्रथम जिला आपदा प्रबन्धन के नोडल अधिकारी/ अपर जिलाधिकारी वित्त/राजस्व प्रताप सिंह शाह द्वारा आपदा प्रबन्धन के रूप में जनपद के रिस्पांसीबल अधिकारी/जिला मजिस्टेªट रविनाथ रमन को अवगत कराया गया कि शहर के चार प्रभावित आपदा स्थलों में इन्सिडेंट कमाण्डरों को स्टेजिंग एरिया में भेजे जाने के निर्देश दिये गये। 8ः50 बजे भूकम्प का सायरन बजते ही स्टेजिंग एरिया में इंचार्ज उप जिलाधिकारी सदर द्वारा परेड ग्राउण्ड में बनाये गये आपदा राहत केन्द्र से उपलब्ध उपकरणों एवं मानव संशाधन के साथ प्रभावित चार स्थल जिसमें आनन्दम काम्पलैक्स राजपुर रोड, सी.एन.आई गल्र्स कालेज राजपुर रोड, तहसील बिन्डिंग एवं दून हस्पताल हेतु रवाना किया गया। प्रभावित स्थलों में युद्धस्तर पर राहत कार्य चलाने के लिए उप जिलाधिकारी/ इंसिडेन्ट कमाण्डर के साथ तहसीलदार स्तर के एक-एक टास्क फोर्स अधिकारी भी तैनात किया गया। आपदा प्रबन्धन के लिए जनपद में नामित रिस्पांसीबल अफसर/जिलाधिकारी तथा आपरेशन आफिसर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पुष्पक ज्योति द्वारा स्टेजिंग सेन्टर में पहुंचकर इन्सिडेन्टल कमाण्डर के नेतृत्व में राहत टीमें रवाना की गयी। जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रभावित क्षेत्रों का भी निरीक्षण किया तथा वहां पर की जा रही तैयारियों का जायजा लिया। राहत टीमों सेना, आई.टी.बी.पी, एन.डी.आर.एफ. एस.डी.आर.एफ, पुलिस,स्वास्थ्य विभाग की टीम, होमगार्ड एवं सिविल डिफेन्स एवं स्वयं सेवी शामिल थे।
जिलाधिकारी ने कहा कि दैवीय आपदा जैसे भूकम्प से निपटने के लिए जिला प्रशासन की ओर से की जाने वाली तैयारियों के सम्बन्ध में माॅक ड्रिल किया गया है। जिसमें सभी विभागों आपसी समन्वय स्थापित करते हुए पूर्ण तैयारियों के साथ किस तरह से दैवीय आपदा से हुए नुकशान एवं जनहानि से निपटने का पै्रक्टिकल किया गया। इसके लिए यह कार्यक्रम अयोजित किया गया है। जिला प्रशासनिक अधिकारियों के सामुहिक प्रयास से यह माॅक ड्रिल कार्यक्रम किया गया। उन्होने कहा कि आपदा किसी को बताकर नही आती है किन्तु इससे निपटने के लिए हम सभी को अपने संसाधनों के साथ पूर्ण तैयारी रखनी होगी। तथा सभी अधिकारियों को ऐसे हालातों आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा। उन्होने यह भी निर्देश दिये है कि जिस अधिकारी को जो जिम्मेदारी सौंपी गयी है वह उसके लिए की जाने वाली तैयारियों के सम्बन्ध में भली प्रकार से समझ लें ताकि आपदा के समय किसी प्रकार की कोई समस्या न आने पाये। उन्होने यह भी निर्देश दिये है कि समन्वय में किसी प्रकार संवादहीनता नही होनी चाहिए तथा आपदा के किसी भी समय किसी अधिकारी को भी अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए बुलाया जा सकता है। ऐसे समय किसी भी प्रकार की संवादहीनता न हो इसलिए इस माॅक ड्रिल के माध्यम से अधिकारियो ंको ऐसे हालात में कार्य करने हेतु प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके पश्चात जिलाधिकारी द्वारा इस माॅक ड्रिल में लगाये गये अधिकारियों से रेस्क्यू आपरेशन के दौरान आई समस्याओं एवं चुनौतियों के सम्बन्ध में भी जानकारी प्राप्त की गयी।
इस अवसर पर राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन के वरिष्ठ सलाहकार वी.के दत्ता ने कहा आपदा के समय सभी अधिकारियों, सेना के जवानों तथा विभिन्न रेस्क्यू टीमों को आपस में समन्वय स्थापित कर किस प्रकार से इस चुनौती से निपटने के लिए यह माॅक ड्रिल कार्यक्रम का आयोजन किया गया है जिसमें खासकर के हमें अपने उपलब्ध संसाधनों को दुरस्त रखना है तथा आपदा के समय किस तरह से घायलों त्वरित गति से उनका उपचार कराया जाए तथा सेना के जवानों एवं सिविल डिफेंन्स के जवानों के द्वारा आपात स्थिति में घायल तथ अन्य फंसे व्यक्तियों को किस तरह से सुरक्षित बाहर निकालना है इसके लिए माॅक ड्रिल कार्यक्रम का आयोजन किया गया है ताकि आपदा से निपटने के लिए अपनी तैयारी अभी से पूर्ण करना सुनिश्चित करा लें। सब एरिया कमाण्डर पी.सी थपलियाल ने भी माॅक ड्रिल के सम्बन्ध में जानकारी दी गयी।
इस अवसर पर डी.आई.जी/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पुष्पक ज्योति, राज्य आपदा प्रबन्धन के निदेशक डाॅ पियूष रौतेला, सेना एवं आई.टी.बी.पी, एन.डी.आर.एफ, एस.डी.आर.एफ, पुलिस के अधिकारियों सहित, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व प्रताप सिंह शाह, उप जिलाधिकारी डोईवाला वन्दना, उप जिलाधिकारी सदर रामजीशरण, प्रभारी अधिकारी कलैक्टेªट एन.एस डांगी, उप जिलाधिकारी विकास नगर मोहन सिंह बर्निया, उप जिलाधिकारी चकराता अशोक पाण्डेय, उप जिलाधिकारी ऋषिकेश संतोष पाण्डेय, जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी दीपशिखा रावत, डाॅ सुनिल सैनी, सिविल डिफेंस एवं सभी तहसीलदार एवं सभी सम्बन्धित अधिकारी/कर्मचारी मौजूद थे।
