लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (एम.फिल./पी.एच.डी. उपाधि के लिए न्यूनतम मानक एवं प्रक्रिया) विनियम-2016 को उच्च शिक्षा विभाग के अधीन राज्य विश्वविद्यालयों में यथावत लागू किये जाने का निर्णय लिया है। यह जानकारी आज यहां उप मुख्यमंत्री तथा उच्च शिक्षा मंत्री डा0 दिनेश शर्मा ने दी।
उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (एम.फिल./पी.एच.डी. उपाधि प्रदान करने हेतु न्यूनतम मानदण्ड एवं प्रक्रिया) विनियम-2009 के अनुसार उ0प्र0 राज्य विश्वविद्यालयों में एम.फिल./पी.एच.डी. उपाधि प्रदान करने हेतु प्रक्रिया का निर्धारण किया गया है।
इसके साथ ही प्रदेश सरकार ने महाविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2018-19 में कला, वाणिज्य, एवं विज्ञान पाठ्यक्रम के स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश के संबंध में किसी कक्षा अथवा अनुभाग (सेक्शन) में छात्रों की संख्या, अध्ययन कक्ष में व्याख्यान के प्रयोजनार्थ बिना कुलपति की पूर्वानुज्ञा 60 से अधिक न होगी, किन्तु यह किसी भी दशा में 80 से अधिक नहीं होगी। राज्य विश्वविद्यालय/संबद्ध महाविद्यायलयों में उनकी आवश्यकता, उनमें उपलब्ध अवस्थापना सुविधाओं तथा शिक्षकों आदि की उपलब्धता का निर्धारित मानकों के अनुसार परीक्षण करते हुए परिनियमों में दी गयी व्यवस्थानुसार वर्ष 2018-19 हेतु सीट वृद्धि के संबंध में अपने स्तर से कार्यवाही सुनिश्चित करें। इस संबंध में सभी राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को दिशा-निर्देश भेज दिए गये हैं।