लखनऊ: प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री श्री रमापति शास्त्री ने कहा कि विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। मा0 मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना मुख्यमंत्री जी की प्राथमिकता में है, जिसको ध्यान में रखते हुए सभी संबंधित अधिकारी/कर्मचारी मेहनत व ईमानदारी से कार्य करना सुनिश्चित करें। विभागीय कार्यों को समयानुसार करना सुनिश्चित करें। वृद्धावस्था/किसान पेंशन योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित अवश्य कराया जाये इसके लिए जो भी आवश्यक कार्यवाही की जानी हो उसे यथाशीघ्र कराना सुनिश्चित किया जाये।
यह निर्देश श्री शास्त्री ने आज यहां भागीदारी भवन गोमतीनगर लखनऊ में विभागीय योजनाओं की प्रगति समीक्षा के दौरान दिये। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत समाज में सर्वधर्म-समभाव तथा समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले सभी वर्गों (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग एवं सामान्य वर्ग) की कन्याओं के विवाह हेतु संचालित की गई है। इसको ध्यान में रखते हुए सभी संबंधित अधिकारी कार्य करना सुनिश्चित करें तथा आम जनता में इस योजना के बारे में जानकारी अवश्य दी जाये, जिससे आम जनता को इस योजना का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि योजनाओं के बारे में आम जनता को जानकारी अवश्य दी जाये, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं की जाये।
श्री शास्त्री ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अन्तर्गत पात्र लाभार्थियों के खाते में 20 हजार रुपये, ई-पेमेन्ट के माध्यम से 10 हजार रुपये में वैवाहिक सामग्री तथा पांच हजार रुपये विवाह आयोजन पर व्यय किये जा रहे है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में 14580 जोड़े तथा इस वित्तीय वर्ष 2018-19 में 6419 जोड़े कुल 20,999 परिवारों को लाभान्वित कराया गया है। शादी हेतु अनुदान योजना के तहत अनुसूचित जाति के व्यक्तियों के पुत्रियों की शादी हेतु वित्तीय वर्ष 2018-19 में अभी तक 13477 परिवारों को लाभान्वित कराया गया है। राष्ट्रीय पारिवारिक योजना के तहत 36576 परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई। अत्याचार से पीड़ित अनुसूचित जाति/जनजाति के व्यक्ति को आर्थिक सहायता योजना के तहत अनुसूचित जाति के 12695 व जनजाति के 12 कुल 12707 परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। वित्तीय वर्ष 2018-19 में छात्रवृत्ति वितरण योजना के तहत पूर्वदशम छात्रवृत्ति (अनुसूचित जाति) के 39864, जनजाति के 353, सामान्य वर्ग के 14952 एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति में अनुसूचित जाति के 24210, अनुसूचित जनजाति के 23, सामान्य वर्ग 13862 छात्र/छात्राओं को लाभान्वित कराया गया है। वृद्धावस्था/किसान पेंशन योजना के तहत 3716562 लाभार्थियों को पेंशन से लाभान्वित किया जा रहा है।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव समाज कल्याण श्री मनोज सिंह, निदेशक समाज कल्याण श्री जगदीश प्रसाद, अपर निदेशक समाज कल्याण श्री पी.सी. उपाध्याय, संयुक्त निदेशक श्री आर.के. सिंह, सहित अन्य संबंधित अधिकारी आदि उपस्थित थे।