देहरादून: संसदीय सचिव (मंत्री स्तर) सिंचाई, लघु सिंचाई, वैकल्पिक उर्जा, वर्षा जल संरक्षण, बाढ़ नियन्त्रण एवं विधायक प्रतापनगर विक्रम सिंह नेगी द्वारा विधानसभा स्थित सभागार में वैकल्पिक उर्जा विभाग की समीक्षा करते हुए उरेडा को लघु विद्युत परियोजनाओं से वर्तमान में उत्तराखण्ड की 34.90 मेगावाट की क्षमता को बढ़ा कर 100 मेगावाट तक करने का लक्ष्य दिया गया।
श्री नेगी ने कहा कि वर्तमान में उरेडा द्वारा निर्मित 42 माइक्रो हाइडिल परियोजनाओं से 34.90 मेगावाट के विद्युत उत्पादन की क्षमता है। हमने कुल 10.25 मेगावाट की 2-2 मेगावाट की क्षमता वाले 15 परियोजनाओं की डीपीआर तैयार कर ली है। 2 मेगावाट क्षमता की 54 ऐसी परियोजनाएं है जिनकी डीपीआर तैयार हो रही है और राज्यभर में 78 योजनाओं के लिये स्थानों का चिन्हीकरण हो चुका है जिनसे 32.83 मेगावाट विद्युत उत्पादन हो सकता है। इस प्रकार से वर्तमान में हम 101.63 मेगावाट विद्युत उत्पादन लघु परियोजनाओं के माध्यम से करने की दिशा में कार्य कर रहे है। उन्होने अधिकारियों को इस पर कार्यगति तेज करने के निर्देश दिये साथ ही प्रश्न किया कि राज्य में सौर उर्जा की स्ट्रीट लाईट खराब होने की जो शिकायते है उनका निस्तारण क्यों नहीं हो रहा है?
उरेडा के मुख्य परियोजना अधिकारी अरूण कुमार त्यागी ने बताया कि जनपद स्तर पर उरेडा में प्रत्येक जनपद में मात्र 4-4 लोगो का स्टाफ है अधिकांश स्ट्रीट लाईटों में बैटरी की आयु पूरी होने के बाद जानकारी के अभाव में लोग बैटरी नहीं बदलते है जिस पर अब बैटरी मेंटिनेन्स या बदलने के लिये बैटरी की कम्पनी से 10 साल की वारंटी की व्यवस्था कर दी गई है। श्री नेगी ने मुख्य परियोजना अधिकारी को प्रत्येक विकासखण्ड स्तर पर वैकल्पिक उर्जा के उपकरणों व स्ट्रीट लाईटों के मरम्मत व रख-रखाव के लिये संविदा पर 1-1 कार्मिक रखने का प्रस्ताव तैयार करके स्वीकृृति हेतु शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दियें।
श्री नेगी ने कहा कि 5 किलोवाॅट विद्युत उत्पादन क्षमता के रूफटाॅप सौर उर्जा प्लाण्ट के लिये राज्य भर से 2300 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए है, जिसकी स्थापना के लिये उरेडा तेजी से काम करें साथ ही राज्य के नौजवानों को सौर ऊर्जा से स्वरोजगार की ओर प्रेरित करने के लिये 25 किलोवाॅट तक के संयत्र स्थापना हेतु मुख्यमंत्री सूर्योदय स्वरोजगार योजना के नाम से योजना का प्रस्ताव गठित करें जिसमें 80 से लेकर 90 फीसदी सब्सिडी का प्रावधान हो, इस योजना की मंजूरी के लिये मुख्यमंत्री से अनुरोध किया जायेगा, उन्होनें कहा कि सरकार सोलर वाॅटर हीटर स्थापित करने वाले उपभोक्ताओं को बिजली के बिलों में छूट देती है ऐसी योजनाओं के व्यापक प्रचार प्रसार का प्रस्ताव उरेडा तैयार करे। मुख्यमंत्री जी अनुरोध करके उरेडा के माध्यम से संचालित सभी कार्ययोजनाओं का राज्य भर में प्रयास किया जायेगा। उन्होनें कहा कि जिल ग्राम पंचायतों के पास जल धारा और गाड-गदेरे है वहां 90 फीसदी सब्सिडी देकर सरकार 2 मेगावाट की माइक्रो हाइडिल परियोजनाओं का निर्माण करवाकर ग्राम पंचायत के 10 फीसदी अंशदान या पीपीपी मोड़ पर 10 फीसदी राज्य के स्थानीय व्यक्ति के खर्च पर परियोजना का स्वामित्व ग्राम पंचायतों को दिया जा रहा है, जिससे ग्राम पंचयाते स्वालम्बी बन पायेगी। राज्य की ऐसी सभी पंचायतों से श्री नेगी ने अनुरोध किया कि जिनके पास गाड-गदेर व जलधाराए है यह सभी पंचायते उरेडा में आवेदन कर योजनाओं का लाभ प्राप्त करें।
समीक्षा बैठक में उत्तराखण्ड अक्षय उर्जा विकास अभिकरण, मुख्य परियोजना अधिकारी अरूण कुमार त्यागी, अपर मुख्य परियोजना अधिकारी ए0जे0सिंह, उप-मुख्य अधिकारी उरेडा सी0पी0 अग्रवाल, कर्नल विनोद प्रकाश नौटियाल, ब्लाॅक प्रमुख भिलंगना विजय गुनसोला, उरेडा के उद्यमी ध्रुव राणा, भारतीय किसान सभा की राष्ट्रीय परिषद के सदस्य होशियार सिंह रावत, जिला नियोजन समिति टिहरी के सदस्य उदय रावत, लक्ष्मी प्रसाद जोशी, विजय सिंह कुमांई, डीसीबी के निदेशक दर्शन सिंह नेगी, दयाल सिंह सजवाण, केदार सिंह मिश्रवाण, रविन्द्र बिष्ट, लोकेन्द्र रावत, शूरवीर भण्डारी, राकेश कण्डियाल, मनीष कठैत, कीर्ति सिंह राणा, शम्भू सिंह भण्डारी, ऐल सिंह रावत आदि उपस्थित थें।
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