लखनऊ: प्रदेश के वन एवं वन्यजीव मंत्री श्री दुर्गा प्रसाद यादव ने आज नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान में राज्य स्तरीय ‘‘वन्य प्राणि सप्ताह’’ का शुभारम्भ दीप प्रज्जवलित कर किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में जन्तु उद्यान, चिकित्सा तथा स्वास्थ्य राज्यमंत्री डा0 शिव प्रताप यादव भी मौजूद थे। वन्य प्राणि सप्ताह 01 से 07 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में मनाया जाएगा।
इस मौके पर वन मंत्री ने कहा कि वन्य प्राणि सप्ताह के आयोजन का उद्देश्य खासतौर से वन्य जीवों के संरक्षण हेतु जन-जागरूकता लाना है। सभी की नैतिक जिम्मेदारी है कि वे वन्य जीवों की रक्षा करें और प्राकृतिक असमानता को दूर करने में अपनी अहम जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि वन्य जीवों की कई प्रजातियां विलुप्त हो रही हैं, इनके संरक्षण और संवर्धन के लिए ठोक कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव की सभी योजनाएं आज धरातल पर स्पष्ट साकार होते हुए दिखाई दे रहीं हैं। प्रदेश में जहां एक ओर राजमार्गों का विकास हो रहा वहीं 261 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र में वृद्धि भी हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पक्षी विहार का विकास हो रहा है। शीत ऋतु में दुर-दराज से पक्षी हमारे प्रदेश में आते हैं, इन मेहमानों की सुरक्षा का बेहतर बन्दोबस्त चाहिए। सारस महोत्सव, विश्व गौरैया दिवस जैस महत्वूपर्ण आयोजन कराकर प्रदेश सरकार ने देश ही नहीं विश्व में ख्याति प्राप्त की है।
श्री यादव ने कहा कि भारत वर्ष कृषि प्रधान देश है। किसानों का हित प्रदेश सरकार के लिए सर्वोपरि है। सरकार द्वारा किसानों के हितार्थ कई कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि अक्सर नील गायों की वजह किसानों की फसलें नष्ट हो जाती है और उन्हें भारी छति उठानी पड़ती है। इसके निवारण के लिए ठोस कानून बनाने के जरूरत है। उन्होंने कहा कि लखनऊ जू में जानवरों की बढ़ोत्तरी की जाए, जिससे यहां आने वाले आगन्तुकों अधिक से अधिक वन्य जीवों के बारे में जानकारी प्राप्त हो सके। उन्होंने अपने सम्बोधन के दौरान अधिकारियों को निर्देश भी दिए कि अवैध कटान का अंकुश लगाया जाए। वन्य जीव प्रभागों के अन्तर्गत आने वाले पोखरों तथा तालाबों में समुचित मात्रा में पानी उपलब्ध होना चाहिए, ताकि जंगली जानवर पानी एवं भोजन की तलाश में जंगल से बाहर न निकले। इससे वन्य जीव सुरक्षित रहेंगे और जनहानि पर भी काफी हद तक अंकुश लगेगा।
राज्यमंत्री डा0 शिव प्रताप यादव ने कहा कि वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए कड़े कानून बनाने की आवश्यकता है। नदियां सूख रहीं हैं, नाले पटते जा रहे हैं। इसकी वजह से वन एवं वन्य जीवों का क्षरण हो रहा है। उन्होंने कहा कि नियमों में परिवर्तन करने की आवश्यकता है, ताकि जंगलों के भीतर स्थित नदी, नालों, पोखरों तथा तालाबों आदि की सफाई कराई जा सके और इसमें पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित हो सके। इससे वन एवं वन्य जीव दोनों सुरक्षित रहेंगे।
सचिव, वन एवं वन्यजीव श्री सुनील पाण्डेय ने कहा कि वन्य प्राणि सप्ताह के दौरान वन्य प्राणियों की समस्याओं पर प्रकाश डाला जाएगा। बढ़ते शहरीकरण और घटते वन प्रवेश में वन्य जीवों की रक्षा अत्यन्त आवश्यक है। मानव और वन्यजीवों कें बीच संघर्ष की समस्याएं बढ़ रही हैं। इस पर विशेष ध्यान देना होगा।
प्रधान प्रमुख वन संरक्षक श्री उमेन्द्र शर्मा ने कहा कि वन्य जीवों की सुरक्षा के प्रति प्रदेश सरकार बेहद गम्भीर है। इसका सकारात्मक परिणाम है कि प्रदेश में डालफिनों की संख्या में वृद्धि हुई है। इसके अलावा हैनोवर जू की तर्ज पर लखनऊ चिड़ियाघर को विकसित किये जाने की योजना है। जल्द ही लोग जानवरों को क्षति पहुंचाये बिना बिलकुल नजदीक से उनका दीदार करेंगें।
