देहरादून: उत्तराखण्ड अग्निशमन एवं आपात सेवा, अग्नि निवारण और अग्नि सुरक्षा विधेयक 2015 को यहाॅ की परिस्थितियों के मध्यनजर तैयार करने के लिए गठित मंत्रिमण्डलीय उप समिति की बैठक गृह मंत्री प्रीतम सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।
मंत्रिमण्डल उप समिति के अध्यक्ष गृह मंत्री प्रीतम सिंह ने सुझाव दिये, कि नये विधेयक में शामिल किये जाने वाले प्रावधानों को उत्तराखण्ड की भिन्न भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप रखा जाय। शहरी विकास मंत्री प्रीतम सिंह पंवार द्वारा राज्य में भवन निर्माण कि स्वीकृति में अग्नि सुरक्षा उपायों को अनिवार्य शर्त के रूप में शामिल कराने का आश्वासन दिया गया। बैठक में लघु उद्योग मंत्री हरीश चन्द्र दुर्गापाल ने छोटी उद्योग इकाईयों में अग्नि सुरक्षा के उपायों को शामिल किये जाने के प्राविधान रखने के सुझाव रखे।
नये विधेयक में 500 फ्लैटों वाले बहुमंजिले भवनों में अग्नि सुरक्षा अधिकारियों की नियुक्ति अनिवार्य करने की शर्त की संस्तुति उप समिति द्वारा की गई। उप समिति द्वारा 1000 से अधिक व्यक्तियों की क्षमता वाली उद्योग इकाईयों में भी अग्नि सुरक्षा अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित करने कि संस्तुति को शामिल किया गया। सर्वसम्मति से 50,000 व्यक्तियों वाले खुले स्टेडियम तथा 25,000 व्यक्तियों की क्षमता वाले इण्डोर स्टेडियम में भी अग्नि सुरक्षा अधिकारियों की नियुक्ति की अनिवार्यता की संस्तुति की गई। उप समिति द्वारा इस नियम की अवहेलना पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी द्वारा दोषी स्वामी पर क्षेत्रफल के हिसाब से दण्ड के प्रावधान की संस्तुति की गई। विधेयक प्रभावी बनाने के लिए उप समिति द्वारा अग्नि सुरक्षा विधेयक 2015 में जिला मजिस्ट्रेटों को अधिकार का प्रावधान किया गया। अग्नि काण्ड की झूठी सूचना देने वाले दोषी व्यक्ति पर भी अर्थ दण्ड के प्राविधान की संस्तुति की गई।
सचिव गृह विनोद शर्मा द्वारा मंत्रिमण्डलीय उप समिति को अवगत कराया गया, कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 86/87 के अधीन पूर्ववर्ती राज्य उत्तर प्रदेश मे अग्नि शमन के लिए प्रवृत्त संयुक्त प्रान्त अग्निशमन एवं आपात सेवा अधिनियम एवं संशोधित अधिनियम 1952 लागू है। जिसे और सुदृढ करने के लिए उत्तराखण्ड अग्निशमन एवं आपात सेवा अग्नि निवारण और अग्नि सुरक्षा विधेयक 2015 में मंत्रिमण्डल के आदेश पर गठित मंत्रिमण्डल की उप समिति की संस्तुतियों को शामिल कर तैयार किया जाना है। शाॅपिंग काम्पलैक्स, नर्सिंग होम को अग्नि से सुरक्षा प्रदान करने के लिए उत्तराखण्ड अग्निशमन एवं आपात सेवा, अग्नि निवारण और अग्नि सुरक्षा विधेयक 2015 में मंत्रिमण्डल की उप समिति की संस्तुतियों को शामिल किया गया।
सचिव गृह श्री शर्मा ने अधिनियम में सरकारी एवं गैर सरकारी संगठनों के कर्मियों को प्रशिक्षण देने के लिए प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना, आपात काल के दौरान अग्निशमन सेवा और अन्य व्यक्तियों की शक्तियाॅं सम्पत्ति के स्वामी का प्रतिकर देने का दायित्व, अग्नि काण्ड से प्रभावित व्यक्ति को प्रतिकर देने की सरकार की शक्तियाॅं, मुख्य अग्निशमन अधिकारी को अग्नि सुरक्षा के मध्य नजर प्राप्त शक्तियाॅं बहुमंजिला भवनों, परिसरों के निरीक्षण के लिए प्राधिकृत अधिकारियों, अग्नि सुरक्षा को लेकर जारी आदेशों के अनुपालन न करने पर जिला मजिस्ट्रेटों को प्रदत्त अधिकारों आदि के बारे में मंत्रिमण्डलीय उप समिति को विस्तार से अवगत कराया।