नई दिल्लीः मेघालय और नगालैंड विधानसभा के लिए मतदान हुआ। नगालैंड और मेघालय में बड़ी संख्या में मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। नगालैंड में चार बजे तक 75 प्रतिशत और मेघालय में 67 प्रतिशत मतदान हुआ। अनेक मतदान केन्द्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारे थीं, इसलिए मतदान समाप्त होने पर प्रतिशत और बढ़ने की उम्मीद है।
मेघालय के 59 विधानसभा क्षेत्रों में 3025 मतदान केन्द्र बनाए गए थे। एक विधानसभा क्षेत्र-43-विलियम नगर (सुरक्षित) क्षेत्र में एनसीपी के एक उम्मीवार की 18 फरवरी, 2018 को मृत्यु हो जाने के कारण मतदान स्थगित कर दिया गया। नगालैंड में 59 विधानसभा क्षेत्रों के लिए 2156 मतदान केन्द्रों में मतदान हुआ। एक विधानसभा क्षेत्र में उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिया गया। छिटपुट घटनाओं को छोड़कर मतदान आमतौर पर शांतिपूर्ण रहा।
मतगणना 3 मार्च, 2018 को होगी।
नगालैंड में कुछ भौगोलिक चुनौतियों है। 103 मतदान केन्द्रों के लिए मतदान कर्मियों को मतदान के दो दिन पहले अर्थात् 25 फरवरी को रवाना होना पड़ा और उनमें से कईयों को अपने मतदान केन्द्रों पर पहुंचने के लिए कई घंटे पैदल चलना पड़ा। कल हुई भारी बारिश के कारण कई मतदान कर्मियों को अपने वाहन रास्ते में छोड़कर कई किलोमीटर पैदल यात्रा करनी पड़ी, जिसके परिणामस्वरूप एक सौ से अधिक मतदानकर्मी कल रात 11 बजे के बाद मतदान केन्द्रों पर पहुंचे।
- भारत निर्वाचन आयोग ने मतदान प्रक्रियाओं की विभिन्न गतिविधियों का निरीक्षण करने के लिए 26 सामान्य पर्यवेक्षक, 22 व्यय पर्यवेक्षक, 11 पुलिस पर्यवेक्षक और कुल 432 सूक्ष्म पर्यवेक्षक नियुक्त किये थे।
- 533 स्थानों पर वेब से निगरानी की गई थी। अन्य सभी पुलिस थानों को वीडियोग्राफी से कवर किया गया था।