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अप्रैल फूल बनने से बचने के लिए घरवालों ने बेटे की मौत को माना मजाक

उत्तर प्रदेश

कानपुर: उत्तर प्रदेश हैलो, आपके बेटे की ट्रेन से कटकर मौत हो गई है. जवाब – अप्रैल फूल मत बनाओ भैय्या. कानपुर के गोविंदपुरी स्टेशन के पास बुधवार एक अप्रैल को एक युवक की रेलवे ट्रैक पर ट्रेन से कटकर मौत हो गई. जब जीआरपी ने मृतक के परिजनों को इसकी सूचना दी तो परिजनों का यही जवाब था कि अप्रैल फूल मत बनाओ भैय्या.

यह वाकया एक बार नहीं बल्कि चार बार हुआ और परिजन शव की शिनाख्त तक करने मौके पर नहीं पहुंचे और न ही किसी को भी मौके पर भेजा. करीब तीन घंटे बाद जीआरपी ने शव को हैलट अस्पताल स्थित मोर्चरी भेज दिया.

मामला गोविंदपुरी रेलवे स्टेशन के पास का है, जहां से कुछ दूरी पर बुधवार दोपहर करीब 3 बजे एक युवक का गर्दन कटा शव ट्रैक पर पड़े होने की सूचना जीआरपी को मिली. जीआरपी के सिपाही और एसआई जितेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर उसकी तलाशी ली.

तलाशी के दौरान युवक की पेंट की जेब में एक फोन मिला, जिसमें घर के नाम से फीड नंबर पर जीआरपी ने फोन मिलाया तो युवक की पहचान अंकित पुत्र बृज भदौरिया जालौन के रूप में हुई. जब जीआरपी ने उस नंबर पर कहा कि अंकित की ट्रेन से कटकर मौत हो गई है, आप लोग यहां आ जाइए तो उधर से यह जवाब मिला कि भइय्या अप्रैल फूल मत बनाओ.

जीआरपी ने एक दो बार नहीं बल्कि चार बार परिजनों को वही बात कही, पर उधर से यही जवाब आया कि अप्रैल फूल मत बनाओ. बाद में किसी के न आने पर जीआरपी ने शव को हैलट अस्पताल स्थित मोर्चरी भेज दिया.

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