बीएसपी के बागियों ने माया के खिलाफ खोला मोर्चा

उत्तर प्रदेश

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम की 81वीं जयंती के मौके पर उनके पुराने अनुयायियों ने मायावती और बीएसपी के खिलाफ मुहिम छेड़ने का ऐलान किया है। इस कड़ी में सामाजिक परिवर्तन मंच का गठन कर पूरे देश भर में कांशीराम की विचारधारा को मानने वाले लोगों को एक प्लेटफॉर्म पर लाने की तैयारी है।

कांशीराम के पुराने अनुयायी रहे पूर्व मंत्री दद्दू प्रसाद को मंच का संयोजक बनाया गया है जबकि इस मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए कांशीराम के भाई दलबारा सिंह, उनकी भतीजी सुखवीर कौर, पुराने बसपाई रामधीन अहिरवार और एआर अकेला जैसे लोगों को लगाया गया है। रविवार को सामाजिक परिवर्तन मंच का एक कार्यक्रम कैसरबाग स्थित नारी नाट‌्य कला केन्द्र में हुआ। कार्यक्रम के दौरान एआर अकेला की ओर से संकलित कांशीराम के भाषणों की एक पुस्तक का विमोचन भी हुआ।

मंच के संयोजक व पूर्व मंत्री दद्दू प्रसाद ने बताया कि आने वाले दिनों में हम लोग न तो कोई राजनैतिक पार्टी बना रहे हैं और न ही विधानसभा चुनाव लड़ने का ही मूड है। अभी पूरे देश में हम लोग घूम-घूम कर कांशीराम की विचारधारा को लोगों तक पहुंचाएंगे। एआर अकेला कहते हैं कि बीएसपी प्रमुख मायावती ने कांशीराम की विचारधारा को खत्म करने का प्रयास किया है, जिसका नतीजा है कि बहुजन समाज आज टूट रहा है। बहुजन समाज को एक जुट करने और दोबारा जोड़ने के लिए ही सामाजिक परिवर्तन मंच का गठन किया गया है।

शायद यह पहला मौका होगा जब बीएसपी के बागियों के किसी कार्यक्रम में इतनी बड़ी संख्या में लोगों ने खास कर दलितों ने हिस्सा लिया है। हाल में पूरी सीटें भरने के बाद भी लोग जब नहीं बैठ सके तो बाहर से लेकर अंदर तक खड़े होकर अपने नेताओं का भाषण सुनते रहे। मऊरानीपुर से आए सुचेत कहते हैं कि बीएसपी में अब हमारी बात नहीं सुनी जाती लिहाजा अब सोचने का समय आ गया है। सुचेत करीब 30 वर्षों से कांशीराम के अनुयायी हैं। सुचेत कहते हैं कि मायावती और बीएसपी अब कांशीराम के सिद्धांतों को भूल कर अपने निजी हित को साधने में लगी हैं।

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