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ऐतिहासिक ट्रेन से करें शिमला टू कनोह की सैर, 1906 में बना था इसका इंजन

देश-विदेश

शिमला: उत्तराखंड वर्ल्‍ड हैरिटेज में शामिल शिमला कालका रेलवे लाइन का सफर अब और रोचक होगा. रेलवे ने 109 साल पुराने इंजन से पर्यटकों को सफर करवाने की योजना तैयार की है. इसके तहत 1906 में इंग्लैंड में नॉर्दन ब्रिटिश लोकोमोटिव निर्मित वाष्‍प इंजन को शिमला टू कनोह और कनोह टू शिमला चलाया जाएगा.

इस ऐतिहासिक इंजन के साथ दो कोच जोड़े जा सकते हैं. कुल 30 पर्यटकों के बैठने की इसमें व्यवस्था होगी. इसके लिए पर्यटकों को बुकिंग 72 घंटे पहले करनी होगी. किराया 1.49 लाख रुपए निर्धारित किया गया है. पहले इस इंजन को कैथलाघाट तक चलाया जाता था, लेकिन अब करीब 10 किलोमीटर और इस इंजन को चलाया जाएगा.

जिस ऐतिहासिक इंजन से पर्यटकों की सैर करवाई जाएगी, उसका निर्माण नॉर्दन ब्रिटिश लोकोमोटिव कॉरपोरेशन ने 1906 में किया था. 1971 में इस इंजन को बंद कर दिया गया था.

इसके बाद 2001 में दोबारा इस इंजन को पटरी पर दौड़ाया गया. अब रेलवे ने इस इंजन के साथ पर्यटकों को ऑन डिमांड शिमला से कनोह तक सफर करवाने की योजना बनाई है. गौरतलब है कि हैरिटेज शिमला कालका रेलवे लाइन में 108 टनलें और नैरो गेज लाइन का सफर करीब 96 किलोमीटर का है.

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